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खाती का अस्पताल वार्डब्वॉय के सहारे के चल रहा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Sat, 11 Feb 2017 12:39 AM IST
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कपकोट (बागेश्वर)। शासन और स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण विश्व प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले उच्च हिमालयी क्षेत्र के अंतिम गांव खाती में स्थापित राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय एकमात्र वार्डब्वॉय के भरोसे चल रहा है। हालांकि अस्पताल को देखने के लिए यहां से करीब सात किमी दूर स्वास्थ्य उप केेंद्र बाछम के फार्मेसिस्ट को कहा गया है लेकिन वह भी यहां सप्ताह में सिर्फ दो ही देे दिन दे पाते हैं। अस्पताल में डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ न होने के कारण हर कोई परेशान नजर आ रहा है।
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ग्रामीण उपचार के लिए यहां से 35 किमी दूर तहसील मुख्यालय जाने को मजबूर हैं। इसमें उनका काफी समय, पैसा बर्बाद हो रहा है। राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय खाती में लंबे समय से डॉक्टर नहीं है। यहां संविदा पर तैनात आयुर्वेदिक डॉक्टर की नौकरी पक्की हो जाने से उनकी अन्य जगह पोस्टिंग हो गई है। अस्पताल में वार्डब्वॉय के अलावा के अलावा अन्य कोई भी कर्मी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र बाछम के फार्मेसिस्ट को सप्ताह में दो दिन अस्पताल में बैठने के निर्देश दिए।
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वह सप्ताह में दो दिन यहां आते तो हैं। बाकी समय अस्पताल एकमात्र वार्डब्वॉय के भरोसे ही रहता है। गंभीर रोगियों को यहां से 35 किमी दूर तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट ले जाना पड़ता है। इसमें उनका काफी पैसा, समय बर्बाद होता है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने डॉक्टरों की तैनाती की मांग कई बार की लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने चेेतावनी दी कि यदि शीघ्र डॉक्टरों की तैनाती नहीं हुई तो विधानसभा चुुनाव के बाद आंदोलन किया जाएगा। मांग करने वालों में राम सिंह, जशोद सिंह, पदीमा, प्रेमा, रमुली, खिमुली देवी, जस राम, प्रेम राम आदि शामिल हैं।
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