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डीएम के निर्देशों को बताया तुगलकी फरमान
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Sun, 03 Jul 2016 10:58 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
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राजकीय वाहन चालक महासंघ की बैठक में अधिकारियों के छुट्टी पर जाने पर वाहन सहित कलक्ट्रेट में उपस्थिति देने संबंधी डीएम के निर्देशों का विरोध करते हुए इसे तुगलकी फरमान करार दिया। बैठक में अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की गई।
राजकीय वाहन चालक महासंघ के अध्यक्ष नंदन सिंह दोसाद की अध्यक्षता में विकास भवन में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि डीएम द्वारा अधिकारियों के छुट्टी पर जाने की स्थिति में चालकों से मय वाहन के जिला कार्यालय में उपस्थिति देने, छुट्टी के दिन भी उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए हैं। कहा कि इस तुगलकी फरमान का विरोध किया जाएगा। बैठक में चालकों ने कहा कि अधिकांश विभागों में वाहनों की स्थिति बेहद दयनीय है। ऐसे वाहनों को भी वीआईपी ड्यूटी में लगा दिया जाता है। ऐसे में चालकों को ही तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। संघ के पदाधिकारियों ने नए वाहन खरीदने, जीर्णशीर्ण हालत वाले वाहनों को वीआईपी ड्यूटी से अवमुक्त करने की मांग उठाई। बैठक में वाहन चालकों को भी मिनिस्टीरियल संवर्ग की तरह 2400 ग्रेड पे के स्थान पर 2800 ग्रेड पे देने की मांग उठाई। बैठक में सचिव किशन लोबियाल, संगठन मंत्री महेश चंद्र तिवारी, हरीश आर्य, भगवत जोशी, सुरेंद्र भंडारी, बालम रावत, जगदीश गुरुरानी, मोहन सिंह आदि थे।
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