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Bageshwar News: बागेश्वर को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करना दास को होगी सच्ची श्रद्धांजलि

Wed, 26 Apr 2023 09:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Wed, 26 Apr 2023 09:54 PM IST
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Developing Bageshwar will be true tribute to Das
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बागेश्वर। भले ही आज बागेश्वर के लोगों के हर दिल अजीज नेता उनके बीच नहीं हैं लेकिन उनके ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा होते देखना बागेश्वर के लोगों की दिली तमन्ना रहेगी। चंदन राम दास कुमाऊं की काशी कहे जाने वाले बागेश्वर को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करना चाहते थे। उन्होंने इस दिशा में गंभीरता से कदम भी बढ़ाए थे। उनके प्रयासों से भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने बागेश्वर के बागनाथ धाम का चयन किया है। दास के इस ड्रीम को पूरा करना प्रदेश सरकार की उनको (दास) सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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जिस बागेश्वर की धरती ने चंदन राम दास को अजेय नेता बनाया। दास उस धरती को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करना चाहते थे। चंदन राम दास ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बागेश्वर को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करने की घोषणा की थी। वर्ष 2017 के कार्यकाल में उन्होंने बागनाथ धाम के विकास के लिए शासन से करीब डेढ़ करोड़ रुपये अवमुक्त कराए। इस रकम से बागनाथ मंदिर परिसर में स्थित कालभैरव मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ। बागनाथ मंदिर परिसर में दो धर्मशालाओं के निर्माण के साथ ही संग्रहालय का निर्माण हुआ।
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वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी दास इस दिशा में गंभीरता से कदम बढ़ाने की बात मंचों से कहते रहे थे। एक साल के कार्यकाल में उन्होंने इस वादे को पूरा करने के लिए तेजी से कदम बढ़ाए। दास के प्रयासों से भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने प्रसाद योजना के तहत बागनाथ धाम के कायाकल्प के लिए 49 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। भारत सरकार के पर्यटन विभाग की टीम इसके लिए सर्वे भी कर चुकी है। योजना के तहत बागनाथ धाम के सौंदर्यीकरण के साथ ही सरयू और गोमती नदी के तटों को विकसित करने की योजना है। योजना के तहत बागनाथ धाम के आसपास स्थित भवनों को एकरूपता लाई जानी है। पुलों और सड़कों के सौंदर्यीकरण की योजना है।
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नदी के लिहाज से हरिद्वार और बागेश्वर में काफी समानता है। हरिद्वार गंगा मैया की वजह से जाना जाता है तो बागनाथ सरयू और गोमती नदी के कारण प्रसिद्ध है। चंदन राम दास के अधूरे सपने जिसकी नींव वह प्रसाद योजना के जरिये डाल चुके थे उसको पूरा करवाना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी होगी। यही दास को सरकार और भाजपा की सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी। संवाद


स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस करने की दिशा में बढ़ा रहे थे कदम
बागेश्वर। स्व. चंदन राम दास बागेश्वर को स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में सुविधा संपन्न बनाना चाहते थे। यही कारण है कि पिछले वर्ष भारत सरकार ने देश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की तो मंत्री दास ने मेडिकल कॉलेज के लिए बागेश्वर के गरुड़ में जमीन चयनित करा दी। मेडिकल कॉलेज के लिए कम से कम दो सौ बेड का अस्पताल होना जरूरी होता है। दास ने भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से 23 करोड़ की लागत से बनने वाला 50 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर स्वीकृत कराया। जिला मुख्यालय के नजदीक खोली में बेस अस्पताल के लिए चयनित जमीन में दो सौ बेड का अस्पताल बनाने की कार्ययोजना तैयार की। इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। दास के जाने के बाद यह सपने भी सरकार पूरा करे, यह जिले की जनता देखना चाहेगी।
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