{"_id":"6193fa456a53bc6d376b04f6","slug":"demand-for-certificate-in-bageshwar-bageshwar-news-hld444761978","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमाणपत्र की मांग के लिए चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमाणपत्र की मांग के लिए चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। प्रमाणपत्र देने के लिए जिले के चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने डीएम कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने राजस्व और एलआईयू की जांच के बाद भी प्रमाणपत्र न दिलाने पर नाराजगी लगाई। जिला प्रशासन पर मामले को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। सक्षम अधिकारी से जांच करवा आंदोलनकारियों को जल्द प्रमाणपत्र दिलवाने की मांग की।
मंगलवार को राज्य आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। तहसील अध्यक्ष कुंदन सिंह ऐठानी ने कहा कि शासन ने जिले के 352 आंदोलनकारियों की राजस्व और एलआईयू जांच के बाद भी सम्मान नहीं दिया। जिला कार्यालय में जमा आंदोलनकारियों की उपस्थिति पंजिका और हस्ताक्षरों की भी अनदेखी की गई। वर्ष 1994 की वीसीडी के साक्ष्यों का भी संज्ञान नहीं लिया गया।
कहा कि जिला प्रशासन ने दैनिक समाचार पत्रों का भी संज्ञान नहीं लिया। कई आंदोलनकारियों से सम्मान वापस लेकर उन्हें अपमानित किया गया है। आंदोलनकारियों ने उपलब्ध कराए गए संपूर्ण साक्ष्यों की जांच करा उन्हें सम्मान और प्रमाणपत्र प्रदान करने की मांग की। इस मौके पर गोपाल सिंह, नवीन जोशी, जगदीश सिंह चौहान, मेहरबान सिंह, नंदाबल्लभ जोशी, कैलाश चंद्र पाठक, गोविंद बल्लभ पांडेय, मोहन उप्रेती आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को राज्य आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। तहसील अध्यक्ष कुंदन सिंह ऐठानी ने कहा कि शासन ने जिले के 352 आंदोलनकारियों की राजस्व और एलआईयू जांच के बाद भी सम्मान नहीं दिया। जिला कार्यालय में जमा आंदोलनकारियों की उपस्थिति पंजिका और हस्ताक्षरों की भी अनदेखी की गई। वर्ष 1994 की वीसीडी के साक्ष्यों का भी संज्ञान नहीं लिया गया।
विज्ञापन
कहा कि जिला प्रशासन ने दैनिक समाचार पत्रों का भी संज्ञान नहीं लिया। कई आंदोलनकारियों से सम्मान वापस लेकर उन्हें अपमानित किया गया है। आंदोलनकारियों ने उपलब्ध कराए गए संपूर्ण साक्ष्यों की जांच करा उन्हें सम्मान और प्रमाणपत्र प्रदान करने की मांग की। इस मौके पर गोपाल सिंह, नवीन जोशी, जगदीश सिंह चौहान, मेहरबान सिंह, नंदाबल्लभ जोशी, कैलाश चंद्र पाठक, गोविंद बल्लभ पांडेय, मोहन उप्रेती आदि रहे।
विज्ञापन