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सरकारी निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी का आरोप
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डीएम रंजना राजगुरु को ज्ञापन सौंपते प्राधिकरण हटाओ मोर्चा के सदस्य।
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। प्राधिकरण हटाओ मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मेहता और सचिव पंकज पांडे ने बृहस्पतिवार को डीएम रंजना राजगुरु को ज्ञापन सौंपा। इसमें जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया गया। उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत मिले दस्तावेजों से आरोप की पुष्टि हुई है।
मोर्चा का आरोप है कि जहां एक तरफ आम लोगों पर नोटिस, चालान, निर्माण कार्य रुकवाने, जुर्माना, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो रही है वहीं दूसरी तरफ सरकारी निर्माण कार्यों में प्राधिकरण के नियमों की अनदेखी कर, उन्हें खुली छूट दी जा रही है। इसी कारण बागनाथ मंदिर एवं काल भैरव मंदिर में हो रहे निर्माण कार्यों की विधिवत स्वीकृति/आवेदन से संबंधित कोई भी सूचना डीडीए कार्यालय से नहीं मिली है। विकास भवन परिसर के नवनिर्मित सभागार के निर्माण की विधिवत स्वीकृति/आवेदन के क्रम में डीडीए के सचिव ने बताया कि इसकी अनुमति ली जा रही है, जबकि कार्यदायी संस्था भवन बना चुकी है।
डायट भवन, जीआईसी सभागार, नगर पालिका के निर्माणाधीन रैन बसेरे, खेल विभाग के ताइक्वांडो हॉल, हाइडिल परिसर और पिटकुल के निर्माण कार्यों के लिए भी डीडीए ने न तो अनुमति दी और न ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। मोर्चा ने सभी सरकारी निर्माण कार्यों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की। अन्यथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। इस दौरान सवाल संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष रमेश पांडे कृषक, जगदीश पाठक आदि थे।
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मोर्चा का आरोप है कि जहां एक तरफ आम लोगों पर नोटिस, चालान, निर्माण कार्य रुकवाने, जुर्माना, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो रही है वहीं दूसरी तरफ सरकारी निर्माण कार्यों में प्राधिकरण के नियमों की अनदेखी कर, उन्हें खुली छूट दी जा रही है। इसी कारण बागनाथ मंदिर एवं काल भैरव मंदिर में हो रहे निर्माण कार्यों की विधिवत स्वीकृति/आवेदन से संबंधित कोई भी सूचना डीडीए कार्यालय से नहीं मिली है। विकास भवन परिसर के नवनिर्मित सभागार के निर्माण की विधिवत स्वीकृति/आवेदन के क्रम में डीडीए के सचिव ने बताया कि इसकी अनुमति ली जा रही है, जबकि कार्यदायी संस्था भवन बना चुकी है।
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डायट भवन, जीआईसी सभागार, नगर पालिका के निर्माणाधीन रैन बसेरे, खेल विभाग के ताइक्वांडो हॉल, हाइडिल परिसर और पिटकुल के निर्माण कार्यों के लिए भी डीडीए ने न तो अनुमति दी और न ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। मोर्चा ने सभी सरकारी निर्माण कार्यों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की। अन्यथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। इस दौरान सवाल संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष रमेश पांडे कृषक, जगदीश पाठक आदि थे।
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