फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Cultural Gathering In Bageshwar

Bageshwar News: दाथुलै की धार, गरबरी गार...

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Jan 2023 11:49 PM IST
विज्ञापन
Cultural Gathering In Bageshwar
बागेश्वर में नुमाइशखेत में आयोजित जगराता कार्यक्रम में भजन प्रस्तुत करते नंद किशोर पांडे। संवा? - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। उत्तरायणी मेले की पहली शाम भजन गायकों के नाम रही। भजन संध्या और जागरण कार्यक्रम के तहत पूरी रात सांस्कृतिक मंच से हल्द्वानी से आए भजन गायकों ने अपने भजनों से माहौल को भक्ति के रंग में रंग दिया। सांस्कृतिक टीम में शामिल कलाकारों ने आकर्षक नृत्य से भी दर्शकों का मन मोहा।
विज्ञापन

भजन संध्या का शुभारंभ भजन गायक सूरज उपाध्याय ने गणपति वंदना से किया। उन्होंने मां दुर्गा का भजन प्रस्तुत किया। भजन गायक नंद किशोर पांडे ने कुमाऊंनी भजन भगवती भवानी मैया प्रस्तुत कर माहौल को पारंपरिक रंग से रंग दिया। नृत्य कलाकारों ने भगवान राम और हनुमान के जीवन से जुड़े प्रसंग पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। भजन गायिका नेहा कोरंगा और आशा शर्मा ने भी अपने भजनों से कार्यक्रम में चार चांद लगाने का कार्य किया।
विज्ञापन

विद्यार्थियों ने मंच से दिखाई प्रतिभा
बागेश्वर। रविवार को सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक नुमाइशखेत में सांस्कृतिक मंच से विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों और आमंत्रित दलों के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। छात्र-छात्राओं ने लोक कला के रंग में डूबे कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जिम कार्बेट इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर कठायतबाड़ा, सैनिक हाईस्कूल बागेश्वर, कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल मंडलसेरा और महर्षि विद्या मंदिर सैंज के छात्र-छात्राओं के कार्यक्रम देखने के लिए पूरे दिन पंडाल खचाखच भरा रहा। शाम के समय सांस्कृतिक लोक कला मंच बागेश्वर, हिमगिरी दानपुर सांस्कृतिक कला मंच कर्मी और सरयू घाटी सांस्कृतिक मंच बिलौना के कलाकारों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विलुप्त होती बैर-भगनौल विधा की अब भी दिखती है झलक
बागेश्वर। बागेश्वर के उत्तरायणी कौतिक में अपने कुमाऊं की विलुप्त होती बैर-भगनौल विधा की झलक अब भी दिखती है। यह देखना काफी सुखद है। उत्तरायणी कौतिक की पहली रात चौक बाजार में बैर-भगनौल
विधा की धूम रही। लोकविधा के जानकारों ने देर रात तक बैर-भगनौल की प्रस्तुति दी। अल्मोड़ा जिले से भी बैर-भगनौल गायिकी के फनकार पहुंचे हुए थे।
नगर के चौक बाजार में शनिवार की रात लोक संस्कृति के जानकार किशन सिंह मलड़ा के नेतृत्व में करीब नौ बजे से हुड़के की थाप पर लोक विधा के जावकारों ने बैर, भगनौल की प्रस्तुति दी। बैर भगनौल में कुमाऊंनी में सवाल-जवाब होते हैं। लोक विधा के जानकार रहस्य से ओतप्रोत सवाल-जवाब करते हैं।
लोक विधा के जानकारों ने-दाथुलै की धार, गरिबरी गार, पगडंडी छुटि भुला , लागि छ बजार, केमुवां गाड़ि मार्शल कार, तंदुरा का रवाट पाकनी, आल गोभि को साग, आदि बोलों के साथ हुड़के की थाप पर सुंदर प्रस्तुति दी। लोक विधा के जानकारों ने अंगद कैको च्योल छु, अंगद मंदोदरीकि च्योल छु, एक च्याल पैद हुनी बाप (पिता) घर नै, दुसार च्याल पैद हुनि इज (मां) ले घर नै। आदि सवाल-जवाब किए। लोक विधा के फनकारों के रहस्य पैदा करने वाले रोचक सवाल-जवाबों का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। बैर-भगनौल की महफिल में अलई (सुपई) बाड़ेछीना अल्मोड़ा से लोक विधा के जानकार मोहन राम, कांटली (कौसानी) से हरी राम, डीनापानी अल्मोड़ा के गिरीश राम समेत तमाम लोक विधा के जानकार पहुंचे हुए थे।
55 साल से उत्तरायणी कौतिक में आ रहे मोहन राम
बागेश्वर। बैर-भगनौल विधा के जानकार अलई सुपई बाड़ेछीना (अल्मोड़ा) निवासी मोहन राम (80)
पिछले 55 साल से बागेश्वर के उत्तरायणी कौतिक में पहुंच रहे हैं। मोहन राम कुमाऊं की लोक विधा के संरक्षण के लिए ठोस पहल न होने से चिंतित हैं। कहते हैं कि इस समृद्ध लोक कला को जीवित रखने के प्रयास होने चाहिए।
48 साल से कौतिक में बैर-भगनौल की प्रस्तुति दे रहे हरी राम
बागेश्वर। कौसानी के कांटली निवासी लोक विधा के जानकार हरी राम (70) पिछले 48 साल से बागेश्वर के उत्तरायणी मेले में लोक विधा की फनकारी दिखा रहे हैं। हरी राम बेहतरीन हुड़का वादक के साथ ही बैर-भगनौल के जानकार हैं।

उत्तरायणी मेले से गिरीश का है 35 साल का नाता
बागेश्वर। डीनापानी (अल्मोड़ा) निवासी लोक विधा के जानकार गिरीश राम (59) पिछले 35 साल से उत्तरायणी के मेले में लोक विधा की चमक बिखेर रहे हैं। गिरीश राम कहते हैं कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा से दूर होते देखना काफी दुखद है। लोक विधा के संरक्षण के लिए धरातल पर ठोस कार्य होना चाहिए।

उत्तरायणी मेले की सांस्कृतिक भजन संध्या में भजन प्रस्तुत करते भजन गायक सूरज उपाध्याय। संवाद न्य

उत्तरायणी मेले की सांस्कृतिक भजन संध्या में भजन प्रस्तुत करते भजन गायक सूरज उपाध्याय। संवाद न्य- फोटो : BAGESHWAR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed