{"_id":"58dbf10a4f1c1bc96863eb14","slug":"three-year-sentence-for-buying-stolen-parasol","type":"story","status":"publish","title_hn":" चोरी हुए छत्र खरीदने पर तीन साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चोरी हुए छत्र खरीदने पर तीन साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Wed, 29 Mar 2017 11:08 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह ने वर्ष 2013 में क्वैैराली देवी माता मंदिर में हुई छत्र चोरी के मामले में अभियुक्त हरीश वर्मा को तीन साल के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार क्वैराली के देवी मंदिर से वर्ष 2013 में छत्र चोरी हो गए थे। हरीश वर्मा ने मंदिर में चोरी हुए छत्र खरीदे थे। यह मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह की अदालत में चला। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तीन साल के कारावास और पांच हजार के अर्थदंड की सजा का फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियुक्त ने अनुचित लाभ कमाने के उद्देश्य से यह छत्र खरीदे थे। ऐसे में अभियुक्त को परीविक्षा का लाभ देना भी न्याय संगत नहीं होगा। इस मामले में सरकार की ओर से पैरवी अभियोजन अधिकारी ललित मोहन आर्य और नामिका अधिवक्ता मोहन राम आर्य ने की।
विज्ञापन
मामले के अनुसार क्वैराली के देवी मंदिर से वर्ष 2013 में छत्र चोरी हो गए थे। हरीश वर्मा ने मंदिर में चोरी हुए छत्र खरीदे थे। यह मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह की अदालत में चला। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तीन साल के कारावास और पांच हजार के अर्थदंड की सजा का फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियुक्त ने अनुचित लाभ कमाने के उद्देश्य से यह छत्र खरीदे थे। ऐसे में अभियुक्त को परीविक्षा का लाभ देना भी न्याय संगत नहीं होगा। इस मामले में सरकार की ओर से पैरवी अभियोजन अधिकारी ललित मोहन आर्य और नामिका अधिवक्ता मोहन राम आर्य ने की।
विज्ञापन