{"_id":"6521a5e145c1bb5bfa0d004b","slug":"court-news-one-got-accused-bageshwar-news-c-231-1-shld1005-1930-2023-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: मारपीट के आरोपी पुलिसकर्मी दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: मारपीट के आरोपी पुलिसकर्मी दोषमुक्त
Sun, 08 Oct 2023 12:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 08 Oct 2023 12:09 AM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। न्यायिक मजिस्ट्रेट/ सिविल जज पुनीत कुमार की अदालत ने मारपीट के आरोपी पुलिस कर्मियों को संदेह के आधार पर दोषमुक्त करने का फैसला पारित किया है।
कथानक के अनुसार राजेंद्र प्रसाद, निवासी कपकोट ने 14 अप्रैल 2020 को कपकोट थाने में पुलिस कर्मी पवन कुमार और एसआई अकरम अहमद के खिलाफ तहरीर दी थी। वादी ने तहरीर में बताया कि पुलिस सिपाही पवन कुमार ने उसके घर आकर उसके और उसके भाई प्रकाश चंद्र के साथ मारपीट की और घर के भीतर घुसकर मां को भी धक्का देकर गिरा दिया। उसने अन्य पुलिस कर्मियों को भी मौके पर बुलाया और लगातार मारपीट कर धमकी देता रहा। वादी ने आरोप लगाया कि उसके साथ हुई घटना एसआई अकरम अहमद की शह पर हो रही थी। मामले में वादी और उसके भाई को चोटें आई और अस्पताल में इलाज कराना पड़ा था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया और विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 15 गवाह पेश कराए गए। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त किया। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा ने मामले की पैरवी की। संवाद
विज्ञापन
कथानक के अनुसार राजेंद्र प्रसाद, निवासी कपकोट ने 14 अप्रैल 2020 को कपकोट थाने में पुलिस कर्मी पवन कुमार और एसआई अकरम अहमद के खिलाफ तहरीर दी थी। वादी ने तहरीर में बताया कि पुलिस सिपाही पवन कुमार ने उसके घर आकर उसके और उसके भाई प्रकाश चंद्र के साथ मारपीट की और घर के भीतर घुसकर मां को भी धक्का देकर गिरा दिया। उसने अन्य पुलिस कर्मियों को भी मौके पर बुलाया और लगातार मारपीट कर धमकी देता रहा। वादी ने आरोप लगाया कि उसके साथ हुई घटना एसआई अकरम अहमद की शह पर हो रही थी। मामले में वादी और उसके भाई को चोटें आई और अस्पताल में इलाज कराना पड़ा था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया और विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 15 गवाह पेश कराए गए। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त किया। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा ने मामले की पैरवी की। संवाद
विज्ञापन