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Bageshwar News: एनडीपीएस अधिनियम का आरोपी दोषमुक्त
Tue, 04 Jul 2023 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 04 Jul 2023 11:35 PM IST
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बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के आरोपी को दोषमुक्त किया है। अदालत ने अभियोजन के कथानाक को संदेहास्पद माना और आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।
16 जनवरी 2022 को वादी थानाध्यक्ष कैलाश सिंह नेगी पुलिस कर्मचारियों के साथ काफलीगैर के मुख्य बाजार चेकपोस्ट में वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान बागेश्वर से एसओजी के दो जवान निजी वाहन से चेक पोस्ट पर पहुंचे और उन्होंने सुरागरसी-पतारसी के लिए झिरौली क्षेत्र में आने की बात बताई। चेक पोस्ट पर पहुंचे एसओजी कर्मचारियों को लेकर थानाध्यक्ष बैरियर की तरफ गए। इसी दौरान बैरियर से करीब 100 मीटर पहले अल्मोड़ा की तरफ जा रहे वाहन से एक युवक उतरा और पैदल काफलीगैर बाजार की ओर जाने लगा। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रताप सिंह निवासी वाछम बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से 1.024 किलो चरस मिली। आरोपी के खिलाफ झिरौली थाने में 8/20 एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
न्यायालय में आरोपी की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा और हेम चंद्र सिंह राणा ने मामले की पैरवी की। पत्रावली में आए साक्ष्य के आधार पर अदालत ने माना कि मामले में एनडीपीएस के प्रावधानों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया है जो अभियोजन कथानक को संदेहास्पद बनाता है। बरामदगी के समय की जो फोटोग्राफ लगी है उसमें आरोपी नहीं दिख रहा है। साक्ष्य में यह भी तथ्य आया कि उस दिन बैरियर पर विधानसभा चुनाव को देखते हुए आईटीबीपी का जवान भी तैनात था लेकिन उसे स्वतंत्र साक्षी के रूप में गवाह नहीं बनाया गया। इसके चलते आरोपी को न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया।
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16 जनवरी 2022 को वादी थानाध्यक्ष कैलाश सिंह नेगी पुलिस कर्मचारियों के साथ काफलीगैर के मुख्य बाजार चेकपोस्ट में वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान बागेश्वर से एसओजी के दो जवान निजी वाहन से चेक पोस्ट पर पहुंचे और उन्होंने सुरागरसी-पतारसी के लिए झिरौली क्षेत्र में आने की बात बताई। चेक पोस्ट पर पहुंचे एसओजी कर्मचारियों को लेकर थानाध्यक्ष बैरियर की तरफ गए। इसी दौरान बैरियर से करीब 100 मीटर पहले अल्मोड़ा की तरफ जा रहे वाहन से एक युवक उतरा और पैदल काफलीगैर बाजार की ओर जाने लगा। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रताप सिंह निवासी वाछम बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से 1.024 किलो चरस मिली। आरोपी के खिलाफ झिरौली थाने में 8/20 एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
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न्यायालय में आरोपी की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा और हेम चंद्र सिंह राणा ने मामले की पैरवी की। पत्रावली में आए साक्ष्य के आधार पर अदालत ने माना कि मामले में एनडीपीएस के प्रावधानों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया है जो अभियोजन कथानक को संदेहास्पद बनाता है। बरामदगी के समय की जो फोटोग्राफ लगी है उसमें आरोपी नहीं दिख रहा है। साक्ष्य में यह भी तथ्य आया कि उस दिन बैरियर पर विधानसभा चुनाव को देखते हुए आईटीबीपी का जवान भी तैनात था लेकिन उसे स्वतंत्र साक्षी के रूप में गवाह नहीं बनाया गया। इसके चलते आरोपी को न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया।
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