{"_id":"68349d674512046338078e03","slug":"court-news-in-district-bageshwar-news-c-231-1-bgs1001-115912-2025-05-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: 4000 के सामान के बदले अब कंपनी को देना होगा एक लाख जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: 4000 के सामान के बदले अब कंपनी को देना होगा एक लाख जुर्माना
Mon, 26 May 2025 10:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 26 May 2025 10:27 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सामान की खरीदारी के लिए ऑनलाइन अदा किए गए 4,269 रुपये का भुगतान समय पर न करने वाली कंपनी पर एक लाख का जुर्माना लगाते हुए वादी को 10 हजार रुपये वाद व्यय अदा करने का आदेश दिया हैं।
जारी आदेश के अनुसार वादी कैलाश गिरी निवासी टीट बाजार गरुड़, हाल निवासी अलवर राजस्थान ने 27 जनवरी 2021 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में ऑनलाइन शिकायत की थी। उनका कहना था कि हेल्थ कार्ट कंपनी के माध्यम से 19 दिसंबर 2020 को ऑनलाइन 4269 रुपये का भुगतान कर आप्टिनम न्यूट्रिशन 100 फीसदी आईसोलेटेड प्रोडेक्ट मंगाया था। जो कि उन्हें 23 दिसंबर को 2020 को मिला। उन्होंने बारकोड के माध्यम से जांच की तो उक्त सामान का 16 दिसंबर 2020 को ही उपयोग होना पाया गया। उन्होंने सामान को सील अवस्था में रखकर कंपनी को फोन और ई-मेल के माध्यम से शिकायत की और उस सामान के स्थान पर दूसरा सामान देने या भुगतान की गई धनराशि को वापस करने की मांग की।
हेल्थ कार्ट कंपनी की ओर से लंबे समय तक सामान और धनराशि का भुगतान नहीं होने पर उपभोक्ता न्यायालय में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद विपक्षी कंपनी को भुगतान की गई 4,269 रुपये का आठ प्रतिशत सालाना के ब्याज सहित और मानसिक वेदना की क्षतिपूर्ति के लिए 50 हजार रुपये वादी को अदा करने और 50 हजार रुपये का अर्थदंड जिला उपभोक्ता आयोग में जमा करने का आदेश दिया। अर्थदंड और क्षतिपूर्ति की राशि जमा न करने की स्थिति में धारा 71 और 72 के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जारी आदेश के अनुसार वादी कैलाश गिरी निवासी टीट बाजार गरुड़, हाल निवासी अलवर राजस्थान ने 27 जनवरी 2021 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में ऑनलाइन शिकायत की थी। उनका कहना था कि हेल्थ कार्ट कंपनी के माध्यम से 19 दिसंबर 2020 को ऑनलाइन 4269 रुपये का भुगतान कर आप्टिनम न्यूट्रिशन 100 फीसदी आईसोलेटेड प्रोडेक्ट मंगाया था। जो कि उन्हें 23 दिसंबर को 2020 को मिला। उन्होंने बारकोड के माध्यम से जांच की तो उक्त सामान का 16 दिसंबर 2020 को ही उपयोग होना पाया गया। उन्होंने सामान को सील अवस्था में रखकर कंपनी को फोन और ई-मेल के माध्यम से शिकायत की और उस सामान के स्थान पर दूसरा सामान देने या भुगतान की गई धनराशि को वापस करने की मांग की।
विज्ञापन
हेल्थ कार्ट कंपनी की ओर से लंबे समय तक सामान और धनराशि का भुगतान नहीं होने पर उपभोक्ता न्यायालय में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद विपक्षी कंपनी को भुगतान की गई 4,269 रुपये का आठ प्रतिशत सालाना के ब्याज सहित और मानसिक वेदना की क्षतिपूर्ति के लिए 50 हजार रुपये वादी को अदा करने और 50 हजार रुपये का अर्थदंड जिला उपभोक्ता आयोग में जमा करने का आदेश दिया। अर्थदंड और क्षतिपूर्ति की राशि जमा न करने की स्थिति में धारा 71 और 72 के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन