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Bageshwar News: एनडीपीएस अधिनियम का आरोपी दोषमुक्त
Thu, 27 Jul 2023 11:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 27 Jul 2023 11:19 PM IST
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बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के आरोपी को दोषमुक्त किया है। न्यायालय ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।
18 मई 2021 को झिरौली थाने के प्रभारी एसआई जीवन सिंह चुफाल पुलिस टीम के साथ काफलीगैर बाजार से चेकिंग अभियान चलाते हुए सिंदूरी तिराहे की ओर जा रहे थे। सिंदूरी तिराहे से करीब 100 मीटर पहले उन्होंने अल्मोड़ा से काफलीगैर की तरफ एक युवक आता दिखाई दिया। पुलिस की गाड़ी देखकर वह घबरा गया। उस दौरान लॉकडाउन चल रहा था। पुलिस टीम ने युवक को रोककर उससे लॉकडाउन में बाहर घूमने का कारण पूछा तो वह घबरा गया। पुलिस ने तलाशी ली तो युवक के पास से 8.33 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस आरोपी मनोज सिंह, निवासी हरसीला, कपकोट को हिरासत में लेकर झिरौली थाने लाई। वादी एसआई चुफाल की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। न्यायालय में आरोपी की ओर सेे अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा ने मामले की पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश कराए गए। न्यायालय ने माना कि घटना से संबंधित फोटोग्राफ किस स्थान के हैं यह स्पष्ट नहीं है। इसके चलते आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया।
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18 मई 2021 को झिरौली थाने के प्रभारी एसआई जीवन सिंह चुफाल पुलिस टीम के साथ काफलीगैर बाजार से चेकिंग अभियान चलाते हुए सिंदूरी तिराहे की ओर जा रहे थे। सिंदूरी तिराहे से करीब 100 मीटर पहले उन्होंने अल्मोड़ा से काफलीगैर की तरफ एक युवक आता दिखाई दिया। पुलिस की गाड़ी देखकर वह घबरा गया। उस दौरान लॉकडाउन चल रहा था। पुलिस टीम ने युवक को रोककर उससे लॉकडाउन में बाहर घूमने का कारण पूछा तो वह घबरा गया। पुलिस ने तलाशी ली तो युवक के पास से 8.33 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस आरोपी मनोज सिंह, निवासी हरसीला, कपकोट को हिरासत में लेकर झिरौली थाने लाई। वादी एसआई चुफाल की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया। न्यायालय में आरोपी की ओर सेे अधिवक्ता नरेंद्र सिंह कोरंगा ने मामले की पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश कराए गए। न्यायालय ने माना कि घटना से संबंधित फोटोग्राफ किस स्थान के हैं यह स्पष्ट नहीं है। इसके चलते आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया।
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