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Bageshwar News: 43,563 रुपये एकमुश्त मय ब्याज भुगतान करने के आदेश
Wed, 29 May 2024 11:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 29 May 2024 11:55 PM IST
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का फैसला
बागेश्वर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कुणाल रावत और डीआरएस कंपनी के मामले में सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विपक्षी कंपनी को नुकसान की भरपाई के लिए 43,563 रुपये छह प्रतिशत साधारण ब्याज जोड़कर शिकायतकर्ता को एकमुश्त भुगतान करने का आदेश सुनाया।
शिकायतकर्ता ने उक्त पैकर्स एवं मूवर्स कंपनी की चेन्नई शाखा और दिल्ली गोदाम से बागेश्वर के लिए कार और घरेलू सामान बुक करवाया था। कंपनी ने निर्धारित पते पर सामान तो पहुंचा दिया लेकिन घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हालात में पहुंचा। विपक्षी कंपनी ने क्षतिग्रस्त सामान की क्षतिपूर्ति देने से भी इनकार कर दिया। जिसके बाद शिकायतकर्ता ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल, सदस्य रमेश चंद्र सनवाल और हंसी रौतेला ने दोनों पक्षों को सुनने, पत्रावली का परिशीलन करने और अधिवक्ताओं के दिए तर्क के आधार पर विपक्षी कंपनी को नुकसान की भरपाई करने का आदेश सुनाया। कंपनी को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 10,000 रुपये और वाद व्यय के लिए 5000 रुपये का भुगतान भी शिकायतकर्ता को करना होगा। आदेश का पालन नहीं होने की दशा में कंपनी के खिलाफ वसूली या कारावास की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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बागेश्वर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कुणाल रावत और डीआरएस कंपनी के मामले में सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विपक्षी कंपनी को नुकसान की भरपाई के लिए 43,563 रुपये छह प्रतिशत साधारण ब्याज जोड़कर शिकायतकर्ता को एकमुश्त भुगतान करने का आदेश सुनाया।
शिकायतकर्ता ने उक्त पैकर्स एवं मूवर्स कंपनी की चेन्नई शाखा और दिल्ली गोदाम से बागेश्वर के लिए कार और घरेलू सामान बुक करवाया था। कंपनी ने निर्धारित पते पर सामान तो पहुंचा दिया लेकिन घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हालात में पहुंचा। विपक्षी कंपनी ने क्षतिग्रस्त सामान की क्षतिपूर्ति देने से भी इनकार कर दिया। जिसके बाद शिकायतकर्ता ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल, सदस्य रमेश चंद्र सनवाल और हंसी रौतेला ने दोनों पक्षों को सुनने, पत्रावली का परिशीलन करने और अधिवक्ताओं के दिए तर्क के आधार पर विपक्षी कंपनी को नुकसान की भरपाई करने का आदेश सुनाया। कंपनी को मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 10,000 रुपये और वाद व्यय के लिए 5000 रुपये का भुगतान भी शिकायतकर्ता को करना होगा। आदेश का पालन नहीं होने की दशा में कंपनी के खिलाफ वसूली या कारावास की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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