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अराजक तत्वों ने शुकचौना और पालनाधूरा के जंगलों में लगाई आग
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बागेश्वर के पालनाधूरा में जंगल की आग से जला केले का बागान। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। कपकोट के दूरस्थ क्षेत्र पालनाधूरा और शुकचौना के जंगलों में अराजक तत्वों ने आग लगा दी। आग से पालनाधूरा के फल उत्पादकों के केले, संतरा, और माल्टा के पेड़ जलकर राख हो गए। ग्रामीणों ने आग पर बमुश्किल काबू पाया। आग पर काबू नहीं पाया जाता तो दो मकान भी जल जाते। ग्रामीणों ने अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, कपकोट के कफलटोक के आरक्षित जंगल में भी सोमवार को आग लग गई थी, जिस पर काबू पा लिया गया है। वहीं देर शाम जिला मुख्यालय की पुलिस लाइन के पास जंगल में आग लग गई। आग बुझाने की कोशिश की जा रही है।
रविवार की शाम को अराजक तत्वों ने शुकचौना और पालनाधूरा के जंगलों में आग लगाई। सोमवार तड़के करीब तीन बजे जंगल की आग आबादी तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने लोगों के केले, संतरे और माल्टा के बागानों को चपेट में ले लिया। आग गांव के होशियार सिंह कोश्यारी, गोपाल सिंह कोश्यारी के मकानों की ओर बढ़ने लगी। आग से घास के 16 ढेर जल गए। साधों सिंह कोश्यारी, प्रेम सिंह कोश्यारी, राजन सिंह, पुष्पा देवी आदि आग बुझाने में जुटे। वन विभाग को आबादी में आग पहुंचने की सूचना दी गई। ग्रामीणों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बाग जल गए थे। दोपहर में वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। ग्रामीणों ने जंगल में आग लगाने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पालनीधूरा और शुकचौना के जंगल में लगी आग ग्रामीणों के सहयोग से बुझा ली गई है। जंगल में आग लगाने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कपकोट के कफलटोक आरक्षित वन में लगी आग को भी बुझा लिया है। - बीएस शाही डीएफओ बागेश्वर
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बागेश्वर में वनाग्नि की अब तक 162 घटनाएं
बागेश्वर। जिले में शीतकाल से अब तक जंगल में आग लगने की 162 घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें शीतकाल की 31 घटनाएं शामिल हैं। प्रभागीय वनाधिकारी बीएस शाही ने बताया कि शीतकाल से अब तक 220 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है। 6.20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। (संवाद)
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रविवार की शाम को अराजक तत्वों ने शुकचौना और पालनाधूरा के जंगलों में आग लगाई। सोमवार तड़के करीब तीन बजे जंगल की आग आबादी तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने लोगों के केले, संतरे और माल्टा के बागानों को चपेट में ले लिया। आग गांव के होशियार सिंह कोश्यारी, गोपाल सिंह कोश्यारी के मकानों की ओर बढ़ने लगी। आग से घास के 16 ढेर जल गए। साधों सिंह कोश्यारी, प्रेम सिंह कोश्यारी, राजन सिंह, पुष्पा देवी आदि आग बुझाने में जुटे। वन विभाग को आबादी में आग पहुंचने की सूचना दी गई। ग्रामीणों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बाग जल गए थे। दोपहर में वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। ग्रामीणों ने जंगल में आग लगाने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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पालनीधूरा और शुकचौना के जंगल में लगी आग ग्रामीणों के सहयोग से बुझा ली गई है। जंगल में आग लगाने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कपकोट के कफलटोक आरक्षित वन में लगी आग को भी बुझा लिया है। - बीएस शाही डीएफओ बागेश्वर
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बागेश्वर में वनाग्नि की अब तक 162 घटनाएं
बागेश्वर। जिले में शीतकाल से अब तक जंगल में आग लगने की 162 घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें शीतकाल की 31 घटनाएं शामिल हैं। प्रभागीय वनाधिकारी बीएस शाही ने बताया कि शीतकाल से अब तक 220 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है। 6.20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। (संवाद)