{"_id":"573f57294f1c1b7056ac74f9","slug":"cave-in-bageshwar","type":"story","status":"publish","title_hn":"जोगाबाड़ी की गुफा में बहता है झरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जोगाबाड़ी की गुफा में बहता है झरना
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Fri, 20 May 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर की गुफा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। कांडा के पास जोगाबाड़ी की खूबसूरत प्राकृतिक गुफा पर्यटन के साथ नहीं जुड़ सकी। इसके अंदर बहता सुंदर झरना, छोटी सी झील और वहां बनी मनमोहक आकृतियां प्रकृति की अनूठी धरोहरें हैं। इसके बावजूद यह पर्यटकों की नजरों से ओझल है। कांडा बाजार से करीब तीन किमी की दूरी पर स्थित जोगाबाड़ी की गुफा पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकती है।
विज्ञापन
गुफा का प्रवेश द्वार अत्यधिक संकरा होने के कारण पेट के बल लेटकर जाना पड़ता है लेकिन गुफा के भीतर प्रवेश करते ही वहां का नजारा आश्चर्य पैदा कर देता है। 10 मीटर लंबी, छह मीटर चौड़ी और सात मीटर ऊंची गुफा के अंदरूनी छोर से एक झरना बहता है। जिससे गुफा हमेशा झील की तरह लबालब भरी रहती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस झरने का पानी गर्मी में भी कम नहीं होता है।
विज्ञापन
गर्मियों में भी यहां दो फीट तक पानी रहता है। झरने का यह पानी एक संकरे नाले से होता हुआ भद्रकाली नदी में मिल जाता है। इस गुफा में सबसे हैरत में डालने वाली चीजें सफेद और कुछ अन्य रंग की चट्टानों पर बनी आकृतियां हैं। गुफा की दीवारों से लेकर छत तक ऐसी दर्जनों आकृतियां हैं, जो ब्रह्मकमल, शेषनाग, शिव, ब्रह्मा, विष्णु आदि देवी-देवताओं जैसी नजर आती हैं।
विज्ञापन
कुछ लोगों का मानना है कि सदियों से अंदर बहते झरने के पानी से चट्टान की परतें घिस जाने के कारण ऐसी आकृतियां बनी हैं। करीब पांच साल पहले इस गुफा को खोजने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन माजिला इस स्थल के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। दो वर्ष पूर्व पर्यटन विभाग की ओर से इस स्थल के विकास के लिए 45 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसमें संपर्क मार्ग, आवासीय इकाई, स्थल सुंदरीकरण आदि सुविधाएं उपलब्ध करानी थी, लेकिन इस मामले में कोई पहल नहीं हुई है।