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गोमती नदी में धड़ल्ले से तोड़े जा रहे बोल्डर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2020 11:09 PM IST
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Boulders are being broken in Gomti river indiscriminately
बागेश्वर में गोमती नदी में जेसीबी लगाकर तोड़े जा रहे बोल्डर। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। वर्षाकाल में खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहता है। जिला मुख्यालय की गोमती नदी में जेसीबी लगाकर धड़ल्ले से बोल्डर तोड़कर एकत्र किए जा रहे हैं। नगर के मध्य खुलेआम हो रहे खनन का यह खेल कैसे खेला जा रहा है और इस पर जिम्मेदार तंत्र की नजर क्यों नहीं पड़ रही है, यह सवाल लोगों के मन में कौंध रहा है।
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लंबे समय से गोमती पुल के पास विशाल बोल्डर तोड़े जा रहे हैं। जेसीबी से तोड़े जा रहे बोल्डरों से निकले पत्थरों को पास ही मेें जमा किया जा रहा है। वर्षाकाल में 15 जून से 30 सितंबर तक खनन पर रोक रहती है। इस बार 30 जून से खनन पर जिला प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगा है लेकिन जिला मुख्यालय में नगर के बीचोंबीच खनन का खुला खेल चल रहा है। न ही इसे कोई देखने वाला है और न ही कोई कार्रवाई करने वाला। लोगों का कहना है कि जब शासन से खनन पर प्रतिबंध है तो फिर इस खननकर्ता को कैसे अनुमति मिल गई? अनुमति नहीं है तो कैसे खनन का खेल खुलेआम चल रहा है? इसकी गहन जांच की आवश्यकता है। गोमती नदी से हो रहे खनन से सरकारी तंत्र कठघरे में है, इसमें कोई दो-राय नहीं है। फिलहाल इस मामले से प्रशासन अनभिज्ञता जता रहा है।
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- मामले की पड़ताल कराई जाएगी। यदि अवैध रूप से खनन हो रहा होगा, तो निश्चित रूप से संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विनीत कुमार डीएम, बागेश्वर
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