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धार्मिक उत्तरायणी मेले को तैयार हुई बाबा बागनाथ की नगरी
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उत्तरायणी के लिए सजा भगवान बागनाथ का धाम। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। कोरोना का साया पड़ने के बाद इस साल उत्तरायणी मेला प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने केवल धार्मिक अनुष्ठान की अनुमति दी है। प्रशासन ने माघी स्नान और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए तैयारियां पूरी कर लीं हैं। मंदिरों में रंग रोगन और बाजार में रोशनी का कार्य पूरा हो गया है। बागनाथ मंदिर को नुमाइशखेत से जोड़ने के लिए अस्थायी पुल भी बनकर तैयार हो गया है।
जिले में उत्तरायणी मेले का धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, राजनीतिक और व्यापारिक रूप से बड़ा महत्व है। हालांकि, इस साल कोविड-19 की मार के कारण व्यापारिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। माघी स्नान, दान, पूजा अर्चना और यज्ञोपवीत संस्कार करवाने पर किसी तरह की मनाही नहीं होगी। मेले में बाहरी व्यापारी, झूले, चरखे, मौत का कुआं, नौकायन और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस साल मेले का हिस्सा नहीं होंगे। सरकारी विभागों की ओर से माघी स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्नान घाटों में रंग रोगन और सफाई का काम पूरा कर लिया गया है।
सरयू और गोमती नदी पर अस्थायी लकड़ी के पुल बनकर तैयार हो गए हैं। बागनाथ मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया गया है। नगर के अन्य पूजा स्थलों पर रंग-बिरंगी बिजली की लड़ियां, बल्बों से रोशनी का प्रबंध किया गया है। मेलार्थियों को असुविधा न हो, इसके लिए नगर, घाट और मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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जिले में उत्तरायणी मेले का धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, राजनीतिक और व्यापारिक रूप से बड़ा महत्व है। हालांकि, इस साल कोविड-19 की मार के कारण व्यापारिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। माघी स्नान, दान, पूजा अर्चना और यज्ञोपवीत संस्कार करवाने पर किसी तरह की मनाही नहीं होगी। मेले में बाहरी व्यापारी, झूले, चरखे, मौत का कुआं, नौकायन और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस साल मेले का हिस्सा नहीं होंगे। सरकारी विभागों की ओर से माघी स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्नान घाटों में रंग रोगन और सफाई का काम पूरा कर लिया गया है।
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सरयू और गोमती नदी पर अस्थायी लकड़ी के पुल बनकर तैयार हो गए हैं। बागनाथ मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया गया है। नगर के अन्य पूजा स्थलों पर रंग-बिरंगी बिजली की लड़ियां, बल्बों से रोशनी का प्रबंध किया गया है। मेलार्थियों को असुविधा न हो, इसके लिए नगर, घाट और मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

उत्तरायणी पर्व के लिए सजाया गया बागनाथ धाम। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR
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