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लॉकडाउन में लोगों की मददगार बनी बागेश्वर पुलिस
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पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल।
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। इस जिले में कोरोना काल में पुलिस असल मित्र की भूमिका में दिखाई दी। लॉकडाउन के दौर में सभी पुलिस थाने और फायर स्टेशन के भोजनालयों को असहाय और जरूरतमंद लोगों के लिए खोल दिया गया था। पुलिस थाने के भोजनालयों को सार्वजनिक भोजनालय बनाने वाला बागेश्वर पहला जिला बना।
पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल की पहल पर पुलिस थानों और फायर स्टेशन के भोजनालय में लॉकडाउन में फंसे बाहरी लोगों और जरूरतमंदों को हर रोज दो समय भोजन कराया जाता था। अनलॉक वन से पहले जिले में 2796 लोगों को पुलिस थाने के भोजनालयों में भोजन कराया गया। इसके अलावा 5537 परिवारों को राशन और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। पुलिस के कार्यों को देखते हुए समाज के तमाम जागरूक लोगों और संगठनों ने भी पुलिस को जरूरतमंदों की मदद के लिए राशन और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। एसपी की पहल पर ठेली लगाने वाले 20 लोगों को घर चलाने के लिए आर्थिक मदद दी गई। पुलिस लाइन में महिला पुलिस कर्मियों ने मास्क बनाए। 5460 लोगों को सैनिटाइजर और मास्क भी उपलब्ध कराए गए।
गर्भवतियों को अस्पताल, मरीजों के घर में पहुंचाई दवा
बागेश्वर। लॉकडाउन में प्रत्येक थाने में एक पुलिस वाहन का उपयोग एंबुलेंस की तरह किया गया। इस दौरान 12 गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाया गया। 50 लोगों के घर में पुलिस ने दवा पहुंचाई। डेढ़ सौ मरीजों को थाने के वाहन से अस्पताल लाया गया। 24 वरिष्ठ नागरिकों का इलाज कराया गया।
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इसके अलावा चार लोगों के ऑपरेशन में मदद की गई। वहीं पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 का कोविड हेल्पलाइन नंबर की तरह प्रयोग किया। ब्लड डोनेशन में भी जिले की पुलिस अव्वल रही।
लॉकडाउन के दौर में लोगों का भी भरपूर साथ मिला, तभी पुलिस लोगों की मदद कर पाई। लॉकडाउन के दौर में करीब चार सौ लोगों की काउंसिलिंग कराई गई, ताकि लोग आत्महत्या जैसे कदम न उठाएं। पुलिस हमेशा जनता की मदद के लिए तत्पर रहेगी। - रचिता जुयाल पुलिस अधीक्षक बागेश्वर
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पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल की पहल पर पुलिस थानों और फायर स्टेशन के भोजनालय में लॉकडाउन में फंसे बाहरी लोगों और जरूरतमंदों को हर रोज दो समय भोजन कराया जाता था। अनलॉक वन से पहले जिले में 2796 लोगों को पुलिस थाने के भोजनालयों में भोजन कराया गया। इसके अलावा 5537 परिवारों को राशन और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। पुलिस के कार्यों को देखते हुए समाज के तमाम जागरूक लोगों और संगठनों ने भी पुलिस को जरूरतमंदों की मदद के लिए राशन और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। एसपी की पहल पर ठेली लगाने वाले 20 लोगों को घर चलाने के लिए आर्थिक मदद दी गई। पुलिस लाइन में महिला पुलिस कर्मियों ने मास्क बनाए। 5460 लोगों को सैनिटाइजर और मास्क भी उपलब्ध कराए गए।
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गर्भवतियों को अस्पताल, मरीजों के घर में पहुंचाई दवा
बागेश्वर। लॉकडाउन में प्रत्येक थाने में एक पुलिस वाहन का उपयोग एंबुलेंस की तरह किया गया। इस दौरान 12 गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाया गया। 50 लोगों के घर में पुलिस ने दवा पहुंचाई। डेढ़ सौ मरीजों को थाने के वाहन से अस्पताल लाया गया। 24 वरिष्ठ नागरिकों का इलाज कराया गया।
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इसके अलावा चार लोगों के ऑपरेशन में मदद की गई। वहीं पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 का कोविड हेल्पलाइन नंबर की तरह प्रयोग किया। ब्लड डोनेशन में भी जिले की पुलिस अव्वल रही।
लॉकडाउन के दौर में लोगों का भी भरपूर साथ मिला, तभी पुलिस लोगों की मदद कर पाई। लॉकडाउन के दौर में करीब चार सौ लोगों की काउंसिलिंग कराई गई, ताकि लोग आत्महत्या जैसे कदम न उठाएं। पुलिस हमेशा जनता की मदद के लिए तत्पर रहेगी। - रचिता जुयाल पुलिस अधीक्षक बागेश्वर