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Bageshwar News: पशुपालन विभाग का वृहद टीकाकरण अभियान शुरू
Sat, 21 Oct 2023 12:58 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 21 Oct 2023 12:58 AM IST
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बागेश्वर। मौसम परिवर्तन के साथ ही ठंड की शुरूआत हो गई है। ऐसे में भेड़-बकरियों में मानरोग या पीपीआर के फैलने का खतरा भी बढ़ने लगता है। भेड़-बकरियों को इस संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने शुक्रवार से वृहद टीकाकरण अभियान शुरू किया है। विभाग को शासन से 95,000 पीपीआर टीके मिल चुके हैं। विभाग ने एक महीने के भीतर पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है।
मानरोग या पीपीआर एक संक्रामक बीमारी है। जो ठंड के दिनों में अधिक होती है, हालांकि यह अन्य मौसम में भी असर दिखा सकती है। बीमारी की शुरूआत में भेड़ या बकरी को जुकाम की शिकायत होती है। बाद में तेज बुखार, खूनी दस्त होने लगते हैं। विषाणु जनित यह बीमारी काफी तेजी से एक से दूसरे पशु में फैलती है। जिले में वर्ष 2020 में हुई गणना के अनुसार 1,02,075 बकरियां और 20,800 भेड़ थे। हालांकि इनकी संख्या पैदावार और मांग के अनुसार घटते-बढ़ती रहती है। इसी अनुमान के अनुसार विभाग को फिलहाल टीके उपलब्ध कराए गए हैं।
सभी भेड़ और बकरियों का टीकाकरण किया जाना जरूरी है। पशु चिकित्सक, पशुधन प्रसार अधिकारी और अन्य कर्मचारी गांव-गांव में टीकाकरण की शुरूआत करेंगे। 20 नवंबर तक उपलब्ध कराए गए टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग में कार्मिकों की कमी से टीकाकरण को समय पर पूरा करना बड़ी चुनौती है।
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- डॉ. कमल पंत, प्रभारी मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, बागेश्वर
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मानरोग या पीपीआर एक संक्रामक बीमारी है। जो ठंड के दिनों में अधिक होती है, हालांकि यह अन्य मौसम में भी असर दिखा सकती है। बीमारी की शुरूआत में भेड़ या बकरी को जुकाम की शिकायत होती है। बाद में तेज बुखार, खूनी दस्त होने लगते हैं। विषाणु जनित यह बीमारी काफी तेजी से एक से दूसरे पशु में फैलती है। जिले में वर्ष 2020 में हुई गणना के अनुसार 1,02,075 बकरियां और 20,800 भेड़ थे। हालांकि इनकी संख्या पैदावार और मांग के अनुसार घटते-बढ़ती रहती है। इसी अनुमान के अनुसार विभाग को फिलहाल टीके उपलब्ध कराए गए हैं।
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सभी भेड़ और बकरियों का टीकाकरण किया जाना जरूरी है। पशु चिकित्सक, पशुधन प्रसार अधिकारी और अन्य कर्मचारी गांव-गांव में टीकाकरण की शुरूआत करेंगे। 20 नवंबर तक उपलब्ध कराए गए टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग में कार्मिकों की कमी से टीकाकरण को समय पर पूरा करना बड़ी चुनौती है।
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- डॉ. कमल पंत, प्रभारी मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, बागेश्वर