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बागेश्वर ओडीएफ घोषित, फिर भी खुले में शौच कर रहे लोग

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2020 11:21 PM IST
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Bageshwar declared ODF, yet people defecating in the open
बागेश्वर। बागेश्वर जिला वर्ष 2017 में खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया जा चुका है लेकिन अब भी कई ऐसे परिवार हैं, जिनके पास शौचालय नहीं हैं। शौचालय विहीन परिवार खुले में शौच मुक्त जिले के तमगे पर सवालिया निशान लगा ही रहे हैं।
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बागेश्वर जिला वर्ष 2017 में ओडीएफ घोषित कर दिया गया था। स्वजल परियोजना कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार तब वर्ष 2012 की बेसलाइन सर्वे के आधार पर शौचालय से वंचित 15844 परिवारों के शौचालय बनवाए गए थे। उसके बाद भी वंचित 667 परिवारों को शौचालय बनाने के लिए रकम दी गई लेकिन सरकारी महकमों की नाकामी कहें या लोगों को जानकारी का अभाव, अब भी जिले में तमाम परिवारों के पास शौचालय नहीं है।
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मजबूरी में जाना पड़ता है खुले में शौच के लिए
गरुड़ विकासखंड के घेटी निवासी दिव्यांग राजेंद्र राम पुत्र चनी राम के पास आज भी शौचालय नहीं है। राजेंद्र राम के साथ ही उनकी पत्नी भी दिव्यांग है। उनका कहना है कि खुले में शौच कौन जाना चाहता है। लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शौचालय निर्माण करना उनके लिए संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर शासन-प्रशासन की ओर से शौचालय निर्माण में सहायता की जाए तो सहूलियत होगी।
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महिलाओं को करना पड़ता है परेशानी का सामना
गरुड़ विकासखंड के दूरस्थ गांव उड़खुली निवासी धर्म राम पुत्र हयात राम का परिवार लकड़ी के कच्चे मकान में रहता है। शौचालय नहीं होने के काण परिवार आज भी खुले में शौच करने को मजबूर है। बताते हैं कि जाड़ा हो या बरसात शौच के लिए सुबह जल्दी उठना पड़ता है। कभी दोपहर में दीर्घशंका होने पर मुश्किल हो जाती है। शौचालय नहीं होने से महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

वर्ष 2012 की बेस लाइन के हिसाब से जिले में शौचालय से वंचित सभी परिवारों के शौचालय बनवा दिए गए थे। यदि कोई परिवार शौचालय से वंचित है तो संबंधित विकासखंड कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकता है, उस परिवार को शौचालय के लिए रकम दिलाई जाएगी।
- शिल्पी पंत अपर परियोजनाधिकारी डीआरडीए/प्रभारी परियोजना प्रबंधक स्वजल बागेश्वर
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