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Bageshwar News: आयुष्मान आरोग्य मंदिर चामी और भटोली को मिला नेशनल क्वालिटी सर्टिफिकेट
Tue, 05 May 2026 10:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 05 May 2026 10:07 PM IST
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बागेश्वर। जिले की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी चमक बिखेरी है। जिले के दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के कड़े मूल्यांकन में बाजी मारते हुए गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया है। मार्च 2026 में नेशनल हेल्थ सिस्टम्स रिसोर्स सेंटर की ओर से किए गए वर्चुअल मूल्यांकन में इन केंद्रों ने 12 अनिवार्य स्वास्थ्य सेवा पैकेजों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर चामी ने मूल्यांकन में 87.69 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी दक्षता सिद्ध की है। केंद्र ने ओरल हेल्थ, चाइल्ड हेल्थ, इमरजेंसी मेडिकल सर्विस, संक्रामक रोग प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में 100 फीसदी अंक हासिल किए। इसके अलावा मातृ स्वास्थ्य और बुजुर्गों की देखभाल में भी प्रदर्शन 92 प्रतिशत से अधिक रहा। दवाओं और जांच में 37.50 प्रतिशत अंक मिलने के कारण इस क्षेत्र में सुधार की जरूरत बताई गई है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर भटोली ने 84.84 प्रतिशत अंकों के साथ प्रमाणन प्राप्त किया है। केंद्र ने गर्भावस्था एवं प्रसव देखभाल तथा परिवार नियोजन सेवाओं में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मिसाल पेश की है। नवजात शिशु स्वास्थ्य में भी केंद्र का स्कोर 98.08 प्रतिशत रहा। मूल्यांकन में पाया गया कि केंद्र पर भेदभाव रहित सेवाएं और मरीजों की गोपनीयता बनाए रखने के मानकों का कड़ाई से पालन हो रहा है। यहां उपकरणों की उपलब्धता में सुधार की गुंजाइश पाई गई है।
चौंरा से शुरू हुआ था सफर, नौ और केंद्र होंगे तैयार
जिले में एनक्वास प्रमाणन का सफर आयुष्मान आरोग्य मंदिर चौंरा से शुरू हुआ था। इससे पूर्व साल 2025 में सीएचओ प्रियंका बुधलाकोटी के प्रयासों से चौंरा केंद्र को जिले का पहला एनक्वास प्रमाणन प्राप्त हुआ था। अब पंद्रहपाली, चामी, भटोली, कन्यालीकोट की इस सफलता ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नए आयाम दिए हैं। विभाग अब वर्ष 2026-27 में जिले के गुरना, धारी, बोहाला, बनलेख, सिमस्यारी, कमेड़ीदेवी, भोलना, धपोलसेरा और लौबांज को भी एनक्वास प्रमाणन दिलाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
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आयुष्मान आरोग्य मंदिर चामी और भटोली की एनक्वास में प्राप्त यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व का विषय है। यह स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत, समर्पण और बेहतर प्रबंधन का परिणाम है। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर
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आयुष्मान आरोग्य मंदिर चामी ने मूल्यांकन में 87.69 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी दक्षता सिद्ध की है। केंद्र ने ओरल हेल्थ, चाइल्ड हेल्थ, इमरजेंसी मेडिकल सर्विस, संक्रामक रोग प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में 100 फीसदी अंक हासिल किए। इसके अलावा मातृ स्वास्थ्य और बुजुर्गों की देखभाल में भी प्रदर्शन 92 प्रतिशत से अधिक रहा। दवाओं और जांच में 37.50 प्रतिशत अंक मिलने के कारण इस क्षेत्र में सुधार की जरूरत बताई गई है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर भटोली ने 84.84 प्रतिशत अंकों के साथ प्रमाणन प्राप्त किया है। केंद्र ने गर्भावस्था एवं प्रसव देखभाल तथा परिवार नियोजन सेवाओं में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मिसाल पेश की है। नवजात शिशु स्वास्थ्य में भी केंद्र का स्कोर 98.08 प्रतिशत रहा। मूल्यांकन में पाया गया कि केंद्र पर भेदभाव रहित सेवाएं और मरीजों की गोपनीयता बनाए रखने के मानकों का कड़ाई से पालन हो रहा है। यहां उपकरणों की उपलब्धता में सुधार की गुंजाइश पाई गई है।
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चौंरा से शुरू हुआ था सफर, नौ और केंद्र होंगे तैयार
जिले में एनक्वास प्रमाणन का सफर आयुष्मान आरोग्य मंदिर चौंरा से शुरू हुआ था। इससे पूर्व साल 2025 में सीएचओ प्रियंका बुधलाकोटी के प्रयासों से चौंरा केंद्र को जिले का पहला एनक्वास प्रमाणन प्राप्त हुआ था। अब पंद्रहपाली, चामी, भटोली, कन्यालीकोट की इस सफलता ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नए आयाम दिए हैं। विभाग अब वर्ष 2026-27 में जिले के गुरना, धारी, बोहाला, बनलेख, सिमस्यारी, कमेड़ीदेवी, भोलना, धपोलसेरा और लौबांज को भी एनक्वास प्रमाणन दिलाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।
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आयुष्मान आरोग्य मंदिर चामी और भटोली की एनक्वास में प्राप्त यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व का विषय है। यह स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत, समर्पण और बेहतर प्रबंधन का परिणाम है। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर