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प्रशासन ने लिया बारिश से हुई क्षति का जायजा
अमर उजाला (ब्यूरो) बागेश्वर
Updated Mon, 16 May 2016 11:01 PM IST
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मुआयना करतीं तहसीलदार
- फोटो : amar ujala
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तहसील प्रशासन ने रविवार को हुई मूसलाधार बारिश से मेहनरबुंगा सहित अन्य स्थानों पर हुई क्षति का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने बरसात में होने वाली समस्याएं प्रमुखता से उठाई। तहसीलदार ने मेहनरबुंगा गांव में बरसाती पानी की निकासी के लिए नाला निर्माण सहित सड़क में कलमठों का निर्माण कराने की बात कही।
सोमवार को तहसीलदार खुशबू आर्या ने पटवारी जगदीश परिहार और पीडब्लूडी के जेई के साथ मेहनरबुंगा में हुई क्षति का मुआयना किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि पानी के साथ मलबा आने की समस्या पिछले कई सालों से हैं। जिला प्रशासन ने पिछले साल भी निरीक्षण के दौरान समस्या के समाधान की बात कही थी, लेकिन सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए।
इसके चलते तेज बारिश में मलबा उनके घरों और खेतों में घुस गया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो बरसात में खतरा हो सकता है। इस पर तहसीलदार ने नाला बनाने के साथ ही सड़क में नाली व कलमठों का निर्माण करने का आश्वासन दिया। रविवार शाम हुई बारिश से अमतौड़ा गांव की नहर और एक पेयजल योजना ध्वस्त हो गई। ग्राम प्रधान कुंदन बिष्ट ने शीघ्र योजनाओं के पुनर्निर्माण की मांग की है। मूसलाधार वर्षा के दौरान डुंगरगांव, नौल, मजबे, स्यूनी, क्वैराली, चामी भगेड़ी रतवे, गुनाकोट में ओलावृष्टि भी हुई।
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इससे फलों को काफी नुकसान हुआ है। प्रधान हंसी देवी ने किसानों को क्षति का मुआवजा देने की मांग की है। खोली गांव में भी बारिश ने कहर बरपाया। गिरेछीना पाइप लाइन ध्वस्त हो गई। कई पाइप गधेरे में बह गए। ग्राम प्रधान कुंवर सिंह परिहार ने जल संस्थान से शीघ्र पेयजल लाइन को दुरुस्त करने की मांग की है। बारिश ने द्यांगण क्षेत्र में भी भारी तबाही मचाई है। कलमठ बंद होने से सड़कों से निकला मलबा खेतों में घुस गया। कलावती देवी के मकान को खतरा पैदा हो गया है। द्यांगण के ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने डीएमको ज्ञापन सौंपकर चैकडैम बनाने और अडौली में सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है।
गरुड़ में हुई थी 22.50 एमएम वर्षा
बागेश्वर। रविवार शाम को बागेश्वर में लगभग 45 मिनट तक हुई मूसलाधार वर्षा 22 एमएम रिकार्ड की गई। जबकि गरुड़ में 22.50 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। जहां बागेश्वर और गरुड़ में जमकर बारिश हुई थी वहीं कपकोट में बूंदाबांदी तक नहीं हुई।
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सोमवार को तहसीलदार खुशबू आर्या ने पटवारी जगदीश परिहार और पीडब्लूडी के जेई के साथ मेहनरबुंगा में हुई क्षति का मुआयना किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि पानी के साथ मलबा आने की समस्या पिछले कई सालों से हैं। जिला प्रशासन ने पिछले साल भी निरीक्षण के दौरान समस्या के समाधान की बात कही थी, लेकिन सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए।
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इसके चलते तेज बारिश में मलबा उनके घरों और खेतों में घुस गया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो बरसात में खतरा हो सकता है। इस पर तहसीलदार ने नाला बनाने के साथ ही सड़क में नाली व कलमठों का निर्माण करने का आश्वासन दिया। रविवार शाम हुई बारिश से अमतौड़ा गांव की नहर और एक पेयजल योजना ध्वस्त हो गई। ग्राम प्रधान कुंदन बिष्ट ने शीघ्र योजनाओं के पुनर्निर्माण की मांग की है। मूसलाधार वर्षा के दौरान डुंगरगांव, नौल, मजबे, स्यूनी, क्वैराली, चामी भगेड़ी रतवे, गुनाकोट में ओलावृष्टि भी हुई।
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इससे फलों को काफी नुकसान हुआ है। प्रधान हंसी देवी ने किसानों को क्षति का मुआवजा देने की मांग की है। खोली गांव में भी बारिश ने कहर बरपाया। गिरेछीना पाइप लाइन ध्वस्त हो गई। कई पाइप गधेरे में बह गए। ग्राम प्रधान कुंवर सिंह परिहार ने जल संस्थान से शीघ्र पेयजल लाइन को दुरुस्त करने की मांग की है। बारिश ने द्यांगण क्षेत्र में भी भारी तबाही मचाई है। कलमठ बंद होने से सड़कों से निकला मलबा खेतों में घुस गया। कलावती देवी के मकान को खतरा पैदा हो गया है। द्यांगण के ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने डीएमको ज्ञापन सौंपकर चैकडैम बनाने और अडौली में सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है।
गरुड़ में हुई थी 22.50 एमएम वर्षा
बागेश्वर। रविवार शाम को बागेश्वर में लगभग 45 मिनट तक हुई मूसलाधार वर्षा 22 एमएम रिकार्ड की गई। जबकि गरुड़ में 22.50 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। जहां बागेश्वर और गरुड़ में जमकर बारिश हुई थी वहीं कपकोट में बूंदाबांदी तक नहीं हुई।