{"_id":"57603dc74f1c1bf82311bfb4","slug":"anasanakariyom-returned-as-undeliverable-engineers","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनशनकारियों ने इंजीनियरों को बैरंग लौटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनशनकारियों ने इंजीनियरों को बैरंग लौटाया
ब्यूरो, अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Tue, 14 Jun 2016 10:54 PM IST
विज्ञापन
प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहीद रमेश सिंह परिहार और गांधी ग्राम के नाम से स्वीकृत सड़क का निर्माण नैल डुंगरगांव और मजबे तक करने की मांग को लेकर क्रमिक अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को भी क्षेत्र की महिलाएं अनशन पर बैठीं। वार्ता करने अनशन स्थल पहुंचे लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को क्षेत्रवासियों ने बैरंग लौटा दिया।
विज्ञापन
डुंगरगांव के गोलू देवता मंदिर परिसर में चल रहे क्रमिक अनशन में मंगलवार को मोहनी देवी, नीमा देवी, भवानी देवी और इंद्रा जोशी बैठीं। जबकि हीरा सिंह, पूरन सिंह, प्रताप सिंह, ठाकुर सिंह, नवीन सिंह, जगदीश सिंह और नारायण सिंह सहित तमाम क्षेत्रवासियों ने अनशन के समर्थन में धरना दिया।
विज्ञापन
इस मौके पर अनशनकारियों ने सड़क का निर्माण नैल डुंगरगांव और मजबे तक करने को लेकर नारेबाजी की। मंगलवार को अनशनकारियों से वार्ता के लिए पहुंचे लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जगत सिंह बोरा और भानु जोशी ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन अनशनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि यह निर्णायक आंदोलन है।
विज्ञापन
क्षेत्र की जनता किसी भी तरह के झांसे में नहीं आएगी। पूर्व प्रधान ललित सिंह परिहार ने कहा कि यदि इसी तरह उपेक्षा जारी रही तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा।