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अब भी नहीं खुले लाहुर के ऐलोपैथिक अस्पताल के ताले
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बंद पड़ा लाहुर का अस्पताल।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिले के दूरस्थ इलाके में स्थित लाहुर का ऐलोपैथिक अस्पताल कई महीनों से बंद पड़ा है। लाहुर के साथ ही मितिलाखलबट्टा के लोग कोरोना संक्रमणकाल में भी स्वास्थ्य सुविधा से महरूम हैं। लाहुर, मितिलाखलबट्टा क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करीब 15 वर्ष पहले लाहुर में ऐलोपैथिक चिकित्सालय की स्थापना की गई।
इस अस्पताल से लोगों को स्वास्थ्य सुविधा भी मिल रही थी लेकिन पिछले छह महीने से अस्पताल में ताला लगा हुआ है। लाहुर के ग्राम प्रधान प्रताप सिंह ने बताया कि चिकित्सक और फार्मासिस्ट अक्तूबर 2019 से अस्पताल में नहीं आ रहे हैं। अस्पताल में ताले लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल बंद होने से इलाके की ढाई हजार आबादी को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। बता दें कि लाहुर जाने के लिए कपकोट से बावेबैंड तक 35 किमी वाहन और साढ़े तीन किमी पैदल सफर तय करना पड़ता है। दूरस्थ क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा बाधित होने से लोग परेशान हैं।
उधर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस रावत का कहना है कि लाहुर ऐलोपैथिक अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर और फार्मासिस्ट का वेतन रोक दिया गया है। यह दोनों लंबे समय से अनुपस्थित हैं। कपकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को अनुपस्थित चिकित्सक और फार्मासिस्ट के कार्यस्थल पर न होने की विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। लॉकडाउन की समाप्ति के बाद लाहुर में हर सप्ताह मोबाइल वैन से स्वास्थ्य कैंप लगाया जाएगा।
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इस अस्पताल से लोगों को स्वास्थ्य सुविधा भी मिल रही थी लेकिन पिछले छह महीने से अस्पताल में ताला लगा हुआ है। लाहुर के ग्राम प्रधान प्रताप सिंह ने बताया कि चिकित्सक और फार्मासिस्ट अक्तूबर 2019 से अस्पताल में नहीं आ रहे हैं। अस्पताल में ताले लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल बंद होने से इलाके की ढाई हजार आबादी को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। बता दें कि लाहुर जाने के लिए कपकोट से बावेबैंड तक 35 किमी वाहन और साढ़े तीन किमी पैदल सफर तय करना पड़ता है। दूरस्थ क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा बाधित होने से लोग परेशान हैं।
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उधर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस रावत का कहना है कि लाहुर ऐलोपैथिक अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर और फार्मासिस्ट का वेतन रोक दिया गया है। यह दोनों लंबे समय से अनुपस्थित हैं। कपकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को अनुपस्थित चिकित्सक और फार्मासिस्ट के कार्यस्थल पर न होने की विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। लॉकडाउन की समाप्ति के बाद लाहुर में हर सप्ताह मोबाइल वैन से स्वास्थ्य कैंप लगाया जाएगा।
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