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छह साल बाद भी नहीं खुला ब्लड बैंक
Bageshwar
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
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बागेश्वर। बागेश्वर जिले को बने 17 साल हो गए, लेकिन यहां की स्वास्थ्य सेवाएं आज भी पटरी पर नहीं आ सकी हैं। ढाई साल पहले बना ब्लड बैंक और ट्रामा सेंटर का भवन आज भी खाली पड़ा हुआ है। स्थिति यह है कि अब तक इनके लिए स्टाफ तक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। जिला अस्पताल में रेफर सेंटर बनकर रह गया है।
बागेश्वर जिला अस्पताल में 2008 में ट्रामा सेंटर और ब्लड बैंक स्वीकृत हुआ। 2012 में इनके लिए भवन भी बनकर तैयार हो गया। ट्रामा सेंटर में दो सर्जन, एक हड्डी रोग विशेषज्ञ, एक लैब तकनीशियन, दो स्टाफ नर्स, दो वार्ड ब्वाय और दो स्वच्छक स्वीकृत हैं। इसी तरह ब्लड बैंक के लिए पैथोलॉजिस्ट और तकनीशियन सहित किसी भी पद पर नियुक्ति नहीं हो सकी है। ब्लड बैंक की सेवाएं भी अल्मोड़ा से ही संचालित हो रही हैं।
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ट्रामा सेंटर और ब्लड बैंक में स्टाफ और उपकरणों की व्यवस्था करने के संबंध में विभाग को पूर्व में ही प्रस्ताव भेजे गए हैं। नियुक्ति होने पर ही कामकाज शुरू हो सकेगा।
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-डा. जेसी मंडल, सीएमओ, बागेश्वर
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बागेश्वर जिला अस्पताल में 2008 में ट्रामा सेंटर और ब्लड बैंक स्वीकृत हुआ। 2012 में इनके लिए भवन भी बनकर तैयार हो गया। ट्रामा सेंटर में दो सर्जन, एक हड्डी रोग विशेषज्ञ, एक लैब तकनीशियन, दो स्टाफ नर्स, दो वार्ड ब्वाय और दो स्वच्छक स्वीकृत हैं। इसी तरह ब्लड बैंक के लिए पैथोलॉजिस्ट और तकनीशियन सहित किसी भी पद पर नियुक्ति नहीं हो सकी है। ब्लड बैंक की सेवाएं भी अल्मोड़ा से ही संचालित हो रही हैं।
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ट्रामा सेंटर और ब्लड बैंक में स्टाफ और उपकरणों की व्यवस्था करने के संबंध में विभाग को पूर्व में ही प्रस्ताव भेजे गए हैं। नियुक्ति होने पर ही कामकाज शुरू हो सकेगा।
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-डा. जेसी मंडल, सीएमओ, बागेश्वर