फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   कार्यशाला में सीखी बातों को आत्मसात करें : सारस्वत

कार्यशाला में सीखी बातों को आत्मसात करें : सारस्वत

Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
Bageshwar
Bageshwar Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
बागेश्वर। व्यक्तित्व विकास और भारतीय सेना में अधिकारी बनने के लिए यहां आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया। मुख्य अतिथि गरुड़ के खंड शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने प्रतिभागियों से कहा कि वह कार्यशाला में सीखी बातों को आत्मसात करें। कार्यशाला निर्देशक ले. पालनी ने कहा कि सपने हमेशा बड़े होने चाहिए। बड़ा सोचोगे तो छोटा खुद ही मिल जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी सभागार में श्री सारस्वत ने कहा कि ऊर्जा हर व्यक्ति में होती है। जरूरत है उसे बाहर निकालने की। बागेश्वर के प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी प्रमोद तेवाड़ी ने कहा कि कार्यशालाओं से आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होती है। यही विश्वास आगे बढ़ने में सहायक होता है। माध्यमिक शिक्षा के जिला संदर्भ व्यक्ति डा. शैलेंद्र धपोला ने कहा कि सकारात्मक पहल ही समाज को नई दिशा देती है। राजकीय शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष राजीव जोशी ने बड़ी सीढ़ी के लिए पहले छोटी सीढ़ी पार करनी होती है। प्रिया पालनी ने कहा कि जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रतिभाओं को एक मंच की जरूरत है। जिसके लिए अभिभावकों का भी जागरूक होना आवश्यक है। प्रतिभागियों को हर संभव सहयोग देने की बात कही। संचालन दीप चंद्र जोशी ने किया। कार्यशाला व्यवस्थापक आलोक पांडे ने सभी के सहयोग के प्रति आभार जताया।
विज्ञापन


16 बीजीएस 3 पी: बागेश्वर में कार्यशाला निदेशक ले. पालनी को स्मृति चिह्न भेंट करते आयोजक।

प्रतिभागी गदगद हैं कार्यशाला में प्रतिभाग करने से
इस साल की स्पेशल दीपावली है उनकी
बागेश्वर। व्यक्तित्व विकास तथा भारतीय सेना में अधिकारी बनने के लिए यहां आयोजित कार्यशाला को लेकर प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। कई प्रतिभागियों ने इस बार की दीपावली को स्पेशल बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला शिक्षा अधिकारी सभागार में प्रतिभाग कर रहे सभी प्रतिभागी गदगद तथा आत्मविश्वास से लबरेज दिखे। उनमें से कई प्रतिभागियों ने अमर उजाला से बात की। जगदीश प्रसाद ने बताया कि सबसे पहले उन्हें कार्यशाला की सूचना अमर उजाला से मिली। उन्होंने अखबार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि बड़े महानगरों में यह कार्यशाला 20 से 30 हजार रुपये खर्च करके लगाई जाती है। उन्हें यह कार्यशाला नि:शुल्क में मिली। मनोज पांडे ने कहा कि वह आर्मी में अधिकारी बने या नहीं लेकिन एक अच्छा इंसान जरूर बनेंगे। कार्यशाला ने उनकी दिशा ही बदल दी है। दीप्ति लोहनी का कहना है कि उनमें जो आत्मविश्वास की कमी थी। वह कार्यशाला ने पूरी कर दी। इसका लाभ उन्हें आने वाले साक्षात्कारों में जरूर मिलेगा। ममता उप्रेती ने कहा कि कार्यशाला से मानों उन्हें चार्ज कर दिया हो। उन्होंने कहा कि बागेश्वर जिले का सौभाग्य है कि उन्होंने प्रिया पालनी जैसे आर्मी आफिसर दिए हैं। वह भी जिले का नाम अवश्य रोशन करेंगी। भविष्य में दोबारा कार्यशाला लगाने की गुजारिश की। पालनी ने भविष्य में कार्यशाला लगाने के लिए आश्वस्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed