फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   खतरे में रिंगाल कारोबार

खतरे में रिंगाल कारोबार

Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
Bageshwar
Bageshwar Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। उच्च हिमालयी क्षेत्र में चल रहे भारी निर्माण के चलते विभिन्न वस्तुआें के निर्माण में आने वाली रेशेदार रिंगाल उजड़ने के कगार पर पहुंच गया है। रिंगाल के पौध उखड़ने से इस कारोबार से जुड़े करीब 300 लोगों का कारोबार छिनते जा रहा है।
विज्ञापन

उच्च हिमालयी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सूपी, तरसाल, तीली, रातिरकेठी, मल्खाडुगर्चा, गोगिना, कीमू, रिखाड़ी, हरकोट, धुरकोट, चौड़ा, कर्मी, तीख, उगिया, बाछम तथा किलपारा आदि गांवों में प्रुचर मात्रा में रेशेदार रिंगाल होता है। रिंगाल से चटाई, आसन, डलिया, टोकरी, छापरी, डोके, कलमदान तथा डेस्टविन बनाए जाते हैं। इस कारोबार से करीब 300 परिवार जुड़े हैं। उद्यमी रिंगाल से बनी बस्तुओं की उत्तरायणी मेला, दशहरा तथा नंदादेवी मेले के अलावा सुदूरवर्ती क्षेत्रों में ओयाजित होने वाले मेलोें में बेचने को जाते हैं। रिंगाल का कारोबार ही इस क्षेत्र के लोगों की रोजी रोटी का मुख्य स्रोत है। उच्च हिमालयी क्षेत्र के लोगों को यातायात से जोड़ने के लिए रिखाड़ी, बदियाकोट, मुनार, बैछम तथा लीती गोगिना मोटर मोटर मार्गों के निर्माण से रिंगाल के पेड़ों को भारी नुकसान हुआ है। उद्यमी बलवंत सिंह दानू, शेर राम, मोहन सिंह टाकुली, करम सिंह तथा भवान सिंह दानू का कहना है कि सड़क उनकी जरूरत है लेकिन इसके निर्माण से रिंगाल को क्षति हुई है। इससे उनका कारोबार खासा प्रभावित हो गया है। इधर प्रभारी वनाधिकारी आरसी शर्मा ने बताया कि रिंगाल के संरक्षण को गत वर्ष ग्रामीणों को रिंगाल के 10 हजार पौध नि:शुल्क दिए गए। जबकि विभाग ने कई स्थानों पर पौधरोपण किया। इस बार 50 हेक्टेयर में रिंगाल के पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कपकोट तथा बैजनाथ रेंज के अर्तंगत नर्सरी तैयार की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed