{"_id":"31440","slug":"Bageshwar-31440-114","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैठाण में जंगली सूअरों का आतंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैठाण में जंगली सूअरों का आतंक
Bageshwar
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
कमस्यार/ बागेश्वर। पैठाण ग्राम पंचायत के कई गांवों में जंगली सूअरों का आतंक फैला हुआ है। सब्जी की फसलों को भारी नुकसान होने के कारण ग्रामीण निराश हैं।
ग्राम प्रधान मोहनी देवी और युवक मंगल दल अध्यक्ष सुरेंद्र बनाई ने बताया कि लंबे समय से जंगली सूअर बस्तियों में घुसकर फसलों को तबाह कर रहे हैं। पैठाण ग्राम पंचायत के धौलियापाटा, पटस्यारी, अठपैंसिया, चकरी गांव गांवों में भारी आतंक है। रात के वक्त फसलों पर सूअरों के हमले को रोक पाना कठिन साबित हो रहा है। सब्जी के खेतों को खोदकर सूअरों ने बर्बाद कर दिया है। क्षेत्र में सब्जी फसलों को लगातार क्षति होती जा रही है। जिस कारण किसान खेती बाड़ी से विमुख हो रहे हैं। कुंदन राम, दुर्गा राम, राजेश बनाई, हयात राम, सुंदर राम आदि को काफी नुकसान हुआ है। बसपा ब्लाक अध्यक्ष दुर्गा राम सहित जनप्रतिनिधियों ने सरकार से इस समस्या का ठोस निराकरण करने की मांग की है। इधर, प्रभागीय वनाधिकारी आरसी शर्मा ने बताया कि वन विभाग सूअरों को मारने की अनुमति आसानी के साथ दे देता है। ग्रामीणों को लाइसेंसी बंदूक और शिकारी के बारे में सूचना देकर हमलावर सूअरों को मारने संबंधी प्रस्ताव भेजना चाहिए।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान मोहनी देवी और युवक मंगल दल अध्यक्ष सुरेंद्र बनाई ने बताया कि लंबे समय से जंगली सूअर बस्तियों में घुसकर फसलों को तबाह कर रहे हैं। पैठाण ग्राम पंचायत के धौलियापाटा, पटस्यारी, अठपैंसिया, चकरी गांव गांवों में भारी आतंक है। रात के वक्त फसलों पर सूअरों के हमले को रोक पाना कठिन साबित हो रहा है। सब्जी के खेतों को खोदकर सूअरों ने बर्बाद कर दिया है। क्षेत्र में सब्जी फसलों को लगातार क्षति होती जा रही है। जिस कारण किसान खेती बाड़ी से विमुख हो रहे हैं। कुंदन राम, दुर्गा राम, राजेश बनाई, हयात राम, सुंदर राम आदि को काफी नुकसान हुआ है। बसपा ब्लाक अध्यक्ष दुर्गा राम सहित जनप्रतिनिधियों ने सरकार से इस समस्या का ठोस निराकरण करने की मांग की है। इधर, प्रभागीय वनाधिकारी आरसी शर्मा ने बताया कि वन विभाग सूअरों को मारने की अनुमति आसानी के साथ दे देता है। ग्रामीणों को लाइसेंसी बंदूक और शिकारी के बारे में सूचना देकर हमलावर सूअरों को मारने संबंधी प्रस्ताव भेजना चाहिए।
विज्ञापन