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पेंशन, नौकरी के नाम पर सिर्फ कोरे आश्वासन
Updated Wed, 20 Dec 2017 10:58 PM IST
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बागेश्वर। तीन सूत्री मांगों को लेकर गुरिल्लों का धरना 2935वें दिन भी जारी रहा। सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जिले भर से आए गुरिल्लों ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
बुधवार को तहसील परिसर में चल रहे धरने में बड़ी संख्या में गुरिल्ले पहुंचे। प्रदर्शन करने के बाद राम प्रसाद टम्टा की अध्यक्षता में सभा आयोजित की गई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन को आठ साल से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन सरकार की ओर से पेंशन, नौकरी जैसी मांगों पर अब तक उन्हें कोरे आश्वासन ही दिए गए। आंदोलन को लेकर एक जनवरी 2018 को निर्णायक बैठक होगी। इसी बैठक में आंदोलन जारी रखने या समाप्त करने पर विचार विमर्श किया जाएगा। वहां आन सिंह कोरंगा, नंदन गिरी गोस्वामी, नारायण सिंह हरड़िया, दिनेश चंद्र लोहनी, खीम सिंह दानू, सुरेश चंद्र, मथुरा दत्त मिश्रा, दुर्गा मेहता, ममता कांडपाल, उमा शाह आदि थे।
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बुधवार को तहसील परिसर में चल रहे धरने में बड़ी संख्या में गुरिल्ले पहुंचे। प्रदर्शन करने के बाद राम प्रसाद टम्टा की अध्यक्षता में सभा आयोजित की गई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन को आठ साल से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन सरकार की ओर से पेंशन, नौकरी जैसी मांगों पर अब तक उन्हें कोरे आश्वासन ही दिए गए। आंदोलन को लेकर एक जनवरी 2018 को निर्णायक बैठक होगी। इसी बैठक में आंदोलन जारी रखने या समाप्त करने पर विचार विमर्श किया जाएगा। वहां आन सिंह कोरंगा, नंदन गिरी गोस्वामी, नारायण सिंह हरड़िया, दिनेश चंद्र लोहनी, खीम सिंह दानू, सुरेश चंद्र, मथुरा दत्त मिश्रा, दुर्गा मेहता, ममता कांडपाल, उमा शाह आदि थे।
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