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बागेश्वर की अदालतों में 817 मामले लंबित
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बागेश्वर। बागेश्वर के विभिन्न न्यायालयों में 817 मामले विचाराधीन हैं। इनमें 642
क्रिमिनल और 175 सिविल वाद शामिल हैं।
न्यायालयों से मिली जानकारी के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायालय बागेश्वर में 13 सिविल और 90 क्रिमिनल वाद विचाराधीन हैं। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में 18 सिविल, आठ क्रिमिनल वाद विचाराधीन हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बागेश्वर की अदालत में 242 क्रिमिनल वाद विचाराधीन हैं।
सिविल जज जूनियर डिवीजन बागेश्वर की अदालत में 21 सिविल और 174 क्रिमिनल वाद विचाराधीन हैं। सिविल जज सीनियर डिवीजन बागेश्वर की अदालत में 119 सिविल वाद विचाराधीन हैं। सिविल जज जूनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट गरुड़ की अदालत में चार सिविल और 128 क्रिमिनल वाद विचाराधीन हैं। ये आंकड़े 17 मई 2022 तक के हैं।
न्यायालयों में विचाराधीन वादों के निपटारे के लिए लगातार सुनवाई की जाती है। सुलह-समझौते के आधार पर निपटने वाले मामलों के निपटारे के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन समय-समय पर किया जाता है। राष्ट्रीय लोक अदालतों में सुलह समझौते के आधार पर सैकड़ों वादों का निपटारा किया जाता है। संवाद
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क्रिमिनल और 175 सिविल वाद शामिल हैं।
न्यायालयों से मिली जानकारी के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायालय बागेश्वर में 13 सिविल और 90 क्रिमिनल वाद विचाराधीन हैं। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में 18 सिविल, आठ क्रिमिनल वाद विचाराधीन हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बागेश्वर की अदालत में 242 क्रिमिनल वाद विचाराधीन हैं।
सिविल जज जूनियर डिवीजन बागेश्वर की अदालत में 21 सिविल और 174 क्रिमिनल वाद विचाराधीन हैं। सिविल जज सीनियर डिवीजन बागेश्वर की अदालत में 119 सिविल वाद विचाराधीन हैं। सिविल जज जूनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट गरुड़ की अदालत में चार सिविल और 128 क्रिमिनल वाद विचाराधीन हैं। ये आंकड़े 17 मई 2022 तक के हैं।
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न्यायालयों में विचाराधीन वादों के निपटारे के लिए लगातार सुनवाई की जाती है। सुलह-समझौते के आधार पर निपटने वाले मामलों के निपटारे के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन समय-समय पर किया जाता है। राष्ट्रीय लोक अदालतों में सुलह समझौते के आधार पर सैकड़ों वादों का निपटारा किया जाता है। संवाद
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