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इसरो में वैज्ञानिक बने बागेश्वर के शैलेंद्र
Updated Sat, 10 Jun 2017 11:28 PM IST
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इसरो में वैज्ञानिक बने बागेश्वर के शैलेंद्र
बागेश्वर। जिले के शैलेंद्र कुमार जोशी इसरो में वैज्ञानिक बन गए हैं। इसरो सेटेलाइट सेंटर बंगलूरू में उन्होंने ज्वाइनिंग ले ली है। कपकोट के तोली गांव निवासी शैलेंद्र जोशी ने जूनियर हाइस्कूल तक की शिक्षा नेशनल मिशन इंटर कॉलेज बागेश्वर से प्राप्त की। हाइस्कूल और इंटरमीडिएट विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कालेज मंडलसेरा से किया।
इसके बाद उन्होंने बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज भीमताल से बीटेक और हैदराबाद से कंप्यूटर साइंस में एमटेक किया। शैलेंद्र की माता दीपा जोशी आश्रम पद्घति स्कूल बागेश्वर में शिक्षिका और पिता पीतांबर जोशी केंद्रीय जल आयोग हल्द्वानी में उपमंडलीय अभियंता हैं। बहन गरिमा जोशी ने भी इसी साल पीएचडी पूरी की है। शैलेंद्र अपने परिवार के साथ वर्तमान में जाखनदेवी अल्मोड़ा में रहते हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है।
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बागेश्वर। जिले के शैलेंद्र कुमार जोशी इसरो में वैज्ञानिक बन गए हैं। इसरो सेटेलाइट सेंटर बंगलूरू में उन्होंने ज्वाइनिंग ले ली है। कपकोट के तोली गांव निवासी शैलेंद्र जोशी ने जूनियर हाइस्कूल तक की शिक्षा नेशनल मिशन इंटर कॉलेज बागेश्वर से प्राप्त की। हाइस्कूल और इंटरमीडिएट विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कालेज मंडलसेरा से किया।
इसके बाद उन्होंने बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज भीमताल से बीटेक और हैदराबाद से कंप्यूटर साइंस में एमटेक किया। शैलेंद्र की माता दीपा जोशी आश्रम पद्घति स्कूल बागेश्वर में शिक्षिका और पिता पीतांबर जोशी केंद्रीय जल आयोग हल्द्वानी में उपमंडलीय अभियंता हैं। बहन गरिमा जोशी ने भी इसी साल पीएचडी पूरी की है। शैलेंद्र अपने परिवार के साथ वर्तमान में जाखनदेवी अल्मोड़ा में रहते हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है।
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