{"_id":"5a2d66314f1c1b69678c1256","slug":"61512924721-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तहसीलदार ने अनुपस्थित तीन पटवारियों से मांगा स्पष्टीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तहसीलदार ने अनुपस्थित तीन पटवारियों से मांगा स्पष्टीकरण
Updated Sun, 10 Dec 2017 10:22 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। एसडीएम के निर्देश पर सरयू के विभिन्न हिस्सों में हो रहे रेत के अवैध खनन को रोकने के लिए गए तहसीलदार दया चंद्र टम्टा को क्षेत्र में तीन राजस्व उप निरीक्षकों का साथ नहीं मिला। तहसीलदार ने अनुपस्थित तीनों को तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। उधर, तहसीलदार को आते देख अवैध खनन में जुटे मजदूर मौके पर भाग गए।
तहसीलदार टम्टा के मुताबिक रविवार एसडीएम से फोन पर दुग बाजार के पास राधाकृष्ण मंदिर, मेहनरबूंगा में पुल के पास और आरे के मानीखेत के पास सरयू में रेत के अवैध खनन होने की सूचना मिली थी। छापेमारी के लिए उन्होंने राजस्व उप निरीक्षक दुग, आरे और कांडे को फोन पर सूचना देनी चाही, लेकिन तीनों के मोबाइल फोन कवरेज एरिया से बाहर मिले।
इसके बाद उन्होंने राजस्व निरीक्षक बागेश्वर से फोन पर जानकारी ली। बताया कि तीनों पटवारी घर गए हुए हैं। पटवारियों के क्षेत्र में नहीं होने पर वह खुद ही छापेमारी के लिए निकले। शिकायती तीनों स्थलों पर रेत का भारी मात्रा में अवैध खनन हो रहा था। उन्हें आते देख 20-25 नेपाली मजदूर मौके से फरार हो गए।
विज्ञापन
तहसीलदार ने बताया कि बगैर पूर्व सूचना के कार्मिकों का क्षेत्र से नदारद होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने तीनों पटवारियों से तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
तहसीलदार टम्टा के मुताबिक रविवार एसडीएम से फोन पर दुग बाजार के पास राधाकृष्ण मंदिर, मेहनरबूंगा में पुल के पास और आरे के मानीखेत के पास सरयू में रेत के अवैध खनन होने की सूचना मिली थी। छापेमारी के लिए उन्होंने राजस्व उप निरीक्षक दुग, आरे और कांडे को फोन पर सूचना देनी चाही, लेकिन तीनों के मोबाइल फोन कवरेज एरिया से बाहर मिले।
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने राजस्व निरीक्षक बागेश्वर से फोन पर जानकारी ली। बताया कि तीनों पटवारी घर गए हुए हैं। पटवारियों के क्षेत्र में नहीं होने पर वह खुद ही छापेमारी के लिए निकले। शिकायती तीनों स्थलों पर रेत का भारी मात्रा में अवैध खनन हो रहा था। उन्हें आते देख 20-25 नेपाली मजदूर मौके से फरार हो गए।
विज्ञापन
तहसीलदार ने बताया कि बगैर पूर्व सूचना के कार्मिकों का क्षेत्र से नदारद होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने तीनों पटवारियों से तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।