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Bageshwar News: बगैर प्रधानाचार्य संचालित हो रहे जिले के 59 इंटर कॉलेज
Mon, 12 May 2025 12:20 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 12 May 2025 12:20 AM IST
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प्रभारी के भरोसे इंटर कॉलेजों की कमान, केवल दो में है स्थायी प्रिंसिपल
बागेश्वर। जिले के 61 राजकीय इंटर कॉलेजों में से महज दो में स्थायी प्रधानाचार्य हैं। 59 स्कूल लंबे समय से प्रभारी प्रधानाचार्य के भरोसे चल रहे हैं। प्रधानाचार्यों के नहीं होने से शिक्षण के साथ-साथ कार्यालय के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं इसके बाद भी सरकार नियुक्ति के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है।
जिले के इंटर कॉलेजों में स्थाई प्रधानाचार्य नहीं होने से स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों को ही प्रधानाचार्य का प्रभार संभालना पड़ रहा है। प्रधानाचार्य का प्रभार होने के चलते अध्यापक विद्यार्थियोें को समय नहीं दे पा रहे हैं। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। स्थाई प्रधानाचार्य नहीं होने से स्कूलों में कार्यालय से संबधी कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। जिले के तीन ब्लॉकों में से केवल बागेश्वर ब्लॉक के जीआईसी मंडलसेरा और जीआईसी में स्थाई प्रधानाचार्य हैं। कपकोट और गरुड़ ब्लॉक के एक भी विद्यालय में स्थाई प्रधानाचार्य नहीं है। विभाग समय-समय पर स्थायी प्रधानाचार्य नियुक्त करने का दावा तो कर रहा है, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं हो पाई है। लोग अपने बच्चों को मजबूरन प्राइवेट स्कूलों में भेज रहे हैं।
कोट
प्रधानाचार्यों की भर्ती शासन स्तर पर लंबित है। जिले से रिक्त पदों की सूचना शासन को भेजी गई है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्कूलों में स्थाई प्रधानाचार्यों की नियुक्ति की जाएगी। -गजेंद्र सौन, सीईओ बागेश्वर।
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बागेश्वर। जिले के 61 राजकीय इंटर कॉलेजों में से महज दो में स्थायी प्रधानाचार्य हैं। 59 स्कूल लंबे समय से प्रभारी प्रधानाचार्य के भरोसे चल रहे हैं। प्रधानाचार्यों के नहीं होने से शिक्षण के साथ-साथ कार्यालय के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं इसके बाद भी सरकार नियुक्ति के लिए कोई प्रयास नहीं कर रही है।
जिले के इंटर कॉलेजों में स्थाई प्रधानाचार्य नहीं होने से स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों को ही प्रधानाचार्य का प्रभार संभालना पड़ रहा है। प्रधानाचार्य का प्रभार होने के चलते अध्यापक विद्यार्थियोें को समय नहीं दे पा रहे हैं। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। स्थाई प्रधानाचार्य नहीं होने से स्कूलों में कार्यालय से संबधी कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। जिले के तीन ब्लॉकों में से केवल बागेश्वर ब्लॉक के जीआईसी मंडलसेरा और जीआईसी में स्थाई प्रधानाचार्य हैं। कपकोट और गरुड़ ब्लॉक के एक भी विद्यालय में स्थाई प्रधानाचार्य नहीं है। विभाग समय-समय पर स्थायी प्रधानाचार्य नियुक्त करने का दावा तो कर रहा है, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं हो पाई है। लोग अपने बच्चों को मजबूरन प्राइवेट स्कूलों में भेज रहे हैं।
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कोट
प्रधानाचार्यों की भर्ती शासन स्तर पर लंबित है। जिले से रिक्त पदों की सूचना शासन को भेजी गई है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्कूलों में स्थाई प्रधानाचार्यों की नियुक्ति की जाएगी। -गजेंद्र सौन, सीईओ बागेश्वर।
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