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लीली, शेली-शामा और उतरौड़ा में पानी को लेकर मचा हाहाकार
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:15 AM IST
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कपकोट (बागेश्वर)। एक पखवाड़ा पहले कपकोट ब्लॉक के लीली, शामा-शेली गांव में हुई तेज बारिश से पानी की लाइनें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है जिस कारण पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। उन्होंने जल संस्थान से लाइनें दुरुस्त करने की कई बार मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गुस्साए ग्रामीणों ने ऐसा न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायत लीली के अधीन हुकुमगाड़-छुरिया-डौ, धौलछीना-लीली, सतगढ़-लीली और सिमगाड़-चरक्यूड़ा पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी। बीडीसी सदस्य महिमन गढ़िया, ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र की सात हजार की आबादी परेशान है। प्रशासन से दैवीय आपदा मद से धन न मिलने से लाइनें सुचारु नहीं हो पा रही हैं।
उधर शामा-शेली गांव की लाइन भी बंद पड़ी है। ग्रामीणों को पानी के लिए तीन किमी दूर जाना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता मोहन सिंह कोरंगा आदि ने लाइनों को ठीक कराने की मांग की है। इधर उत्तरौड़ा गांव की पानी की लाइन भी एक सप्ताह से बंद पड़ी है। युवक मंगल दल के अध्यक्ष डब्बू पाठक, गोपाल दत्त जोशी, प्रकाश जोशी, पीतांबर पांडे, रमेश पाठक, प्रदीप जोशी, हेम जोशी और कांति बल्लभ जोशी आदि ने भी लाइन ठीक कराने की मांग की।
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इधर जल संस्थान के जेई केसी जोशी का कहना है कि लीली ग्राम पंचायत की योजनाएं विभाग के पास नहीं हैं। शामा-शेली और उत्तरौड़ा गांव की योजनाओं के लिए दैवीय आपदा मद के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। दोनों लाइन को अस्थाई रूप से चालू करने के लिए कर्मचारियों को भेजा गया है।
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ग्राम पंचायत लीली के अधीन हुकुमगाड़-छुरिया-डौ, धौलछीना-लीली, सतगढ़-लीली और सिमगाड़-चरक्यूड़ा पानी की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी। बीडीसी सदस्य महिमन गढ़िया, ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र की सात हजार की आबादी परेशान है। प्रशासन से दैवीय आपदा मद से धन न मिलने से लाइनें सुचारु नहीं हो पा रही हैं।
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उधर शामा-शेली गांव की लाइन भी बंद पड़ी है। ग्रामीणों को पानी के लिए तीन किमी दूर जाना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता मोहन सिंह कोरंगा आदि ने लाइनों को ठीक कराने की मांग की है। इधर उत्तरौड़ा गांव की पानी की लाइन भी एक सप्ताह से बंद पड़ी है। युवक मंगल दल के अध्यक्ष डब्बू पाठक, गोपाल दत्त जोशी, प्रकाश जोशी, पीतांबर पांडे, रमेश पाठक, प्रदीप जोशी, हेम जोशी और कांति बल्लभ जोशी आदि ने भी लाइन ठीक कराने की मांग की।
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इधर जल संस्थान के जेई केसी जोशी का कहना है कि लीली ग्राम पंचायत की योजनाएं विभाग के पास नहीं हैं। शामा-शेली और उत्तरौड़ा गांव की योजनाओं के लिए दैवीय आपदा मद के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। दोनों लाइन को अस्थाई रूप से चालू करने के लिए कर्मचारियों को भेजा गया है।