{"_id":"5b5cb9fd4f1c1b48748b798c","slug":"31532803581-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कपकोट सीएचसी में छापा, डॉक्टर का वेतन रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कपकोट सीएचसी में छापा, डॉक्टर का वेतन रोका
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर। कपकोट का सीएचसी इलाज नहीं, अव्यवस्थाओं का केंद्र बन गया है। डीएम के निरीक्षण में अस्पताल की अव्यवस्थाएं सामने आई है। नाराज डीएम ने अस्पताल के मेडिकल अफसर का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अव्यवस्थाओं को लेकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
शनिवार को डीएम रंजना राजगुरु ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छापा मारा। इस दौरान अस्पताल में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली। कमरे में लगे हुए ट्यूब लाइट, बल्ब खराब हालत में थे। अस्पताल के कमरों में जाले लगे हुए थे। पेयजल भी नहीं आ रहा था। इसके अलावा गंभीर लापरवाही भी सामने आई। अस्पताल के फायर सिलेंडर एक्सपायर मिले। डीएम ने मेडिकल अफसर का वेतन रोकने के साथ ही अव्यवस्थाओं पर जवाब भी मांगा। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को 15 दिन पूर्व अस्पताल मेें भर्ती कराने के निर्देश पर अमल न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आशा हेल्प डेस्क के खाली होने पर भी नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान मरीजों से हालचाल पूछा और दवाइयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों को सभी आवश्यक दवा अस्पताल से देने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं के लिए कैल्शियम, फॉलिक ऐसिड के साथ ही रेबीज की वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला वार्डों में प्राइवेसी रखने को कहा। अस्पताल में बंद पड़े टीवी को भी चालू करने के निर्देश दिए। इस दौरान उपजिलाधिकारी कपकोट रविंद्र सिंह बिष्ट, तहसीलदार कपकोट मैनपाल सिंह, खंड विकास अधिकारी कपकोट गंगा गिरी गोस्वामी आदि थे।
विज्ञापन
कंट्रोल रूम में भी मारा छापा
कपकोट। डीएम ने तहसील कपकोट के आपदा कंट्रोल रूम का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण उन्होंने शिकायत रजिस्ट्रर में भी दर्ज शिकायतों का अवलोकन किया। डीएम ने शिकायतों और निस्तारण के लिए अलग-अलग रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए। आपदा और प्रभावितों का पूरा विवरण रजिस्टर में अंकित करने को कहा। इसके अलावा डीएम ने तहसील में ऑनलाइन प्रमाण पत्रों की भी जानकारी ली।
शनिवार को डीएम रंजना राजगुरु ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छापा मारा। इस दौरान अस्पताल में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली। कमरे में लगे हुए ट्यूब लाइट, बल्ब खराब हालत में थे। अस्पताल के कमरों में जाले लगे हुए थे। पेयजल भी नहीं आ रहा था। इसके अलावा गंभीर लापरवाही भी सामने आई। अस्पताल के फायर सिलेंडर एक्सपायर मिले। डीएम ने मेडिकल अफसर का वेतन रोकने के साथ ही अव्यवस्थाओं पर जवाब भी मांगा। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को 15 दिन पूर्व अस्पताल मेें भर्ती कराने के निर्देश पर अमल न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने आशा हेल्प डेस्क के खाली होने पर भी नाराजगी जताई।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान मरीजों से हालचाल पूछा और दवाइयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों को सभी आवश्यक दवा अस्पताल से देने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं के लिए कैल्शियम, फॉलिक ऐसिड के साथ ही रेबीज की वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला वार्डों में प्राइवेसी रखने को कहा। अस्पताल में बंद पड़े टीवी को भी चालू करने के निर्देश दिए। इस दौरान उपजिलाधिकारी कपकोट रविंद्र सिंह बिष्ट, तहसीलदार कपकोट मैनपाल सिंह, खंड विकास अधिकारी कपकोट गंगा गिरी गोस्वामी आदि थे।
विज्ञापन
कंट्रोल रूम में भी मारा छापा
कपकोट। डीएम ने तहसील कपकोट के आपदा कंट्रोल रूम का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण उन्होंने शिकायत रजिस्ट्रर में भी दर्ज शिकायतों का अवलोकन किया। डीएम ने शिकायतों और निस्तारण के लिए अलग-अलग रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए। आपदा और प्रभावितों का पूरा विवरण रजिस्टर में अंकित करने को कहा। इसके अलावा डीएम ने तहसील में ऑनलाइन प्रमाण पत्रों की भी जानकारी ली।