पंजीयन नंबर नहीं लिखा तो चुकाने होंगे 25 हजार रुपये
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यदि आप जीएसटी में रजिस्टर्ड कारोबारी है तो यह खबर आपके काम की है। जीएसटी में रजिस्टर्ड कारोबारियों को दुकान के बाहर बोर्ड पर जीएसटी पंजीयन नंबर लिखना जरूरी है। यह नंबर नहीं लिखा होने पर राज्य कर विभाग 25 हजार रुपये का जुर्माना तक कर सकता है।
एक जुलाई 2017 को लागू हुए जीएसटी को डेढ़ साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, फिर भी कारोबारी जीएसटी के लिए जागरूक नहीं हैं। राज्य कर विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां 1692 कारोबारी पंजीकृत हैं।
जीएसटी नियमानुसार रजिस्टर्ड कारोबारियों को दुकान, फैक्ट्री, दफ्तर के बाहर ग्लोसाइन बोर्ड वगैरह पर जीएसटी पंजीयन नंबर लिखना अनिवार्य है। बावजूद इसके कारोबारी पंजीयन नंबर नहीं लिख रहे हैं। इधर अपर आयुक्त बीएस नगन्याल ने सभी राज्य कर अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वे दुकानों के बाहर जीएसटी पंजीयन नंबर लिखवाएं।
पंजीयन नहीं लिखने वाले कारोबारी पर 500 से 25 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। सहायक आयुक्त एचएस मधवाल ने बताया कि दुकानों के बाहर बोर्ड पर जीएसटी नंबर लिखना जरूरी है, ऐसा नहीं करने पर रजिस्टर्ड कारोबारी के खिलाफ जुर्माना हो सकता है।
ये होंगे फायदे
- रजिस्टर्ड कारोबारी दूसरे रजिस्टर्ड कारोबारी से खरीद कर आईटीसी का लाभ ले सकते हैं
- टैक्स चोरी पर शिकंजा कसेगा, सरकारी खजाने में बढ़ोत्तरी होगी।
- ग्राहकों से गैर पंजीकृत कारोबारी जबरन टैक्स वसूली नहीं कर सकेंगे।
हम हैं समाधान कारोबारी पड़ेगा लिखना
जीएसटी नियमानुसार समाधान कारोबारियों को जीएसटी नंबर लिखाना अनिवार्य है। साथ ही ऐसे कारोबारियों को हम हैं समाधान कारोबारी भी लिखना होगा। समाधान विकल्प लिए हुए कारोबारी ग्राहकों से टैक्स वसूल नहीं सकते हैं।