{"_id":"5b3916314f1c1bb36e8baccd","slug":"21530467889-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यावरण प्रेमी व शिक्षाविद् धर्मशक्तू का निधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यावरण प्रेमी व शिक्षाविद् धर्मशक्तू का निधन
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धरमघर (बागेश्वर)। पर्यावरण प्रेमी और शिक्षाविद् हीरा सिंह धर्मशक्तू (78) का निधन रविवार सुबह हो गया है। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे। उनके निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर है। शोक में आधा दिन प्रतिष्ठान बंद रहे। सोमवार को संगम पर अंत्येष्टि होगी।
धर्मशक्तू ने राइंका कार्की नगर में वर्ष 1968 से सेवा दी। वह वर्ष 2002 में प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत हुए। बतौर शिक्षक और शिक्षा प्रशासक उन्होंने विद्यालय ही नहीं आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा सुधार की दिशा में काम किया। सेवानिवृत्ति के बाद क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाई। इस दौरान हिमालय बचाओ अभियान, पर्यावरण बचाओ, वृक्ष लगाओ अभियान, स्वच्छता अभियान की अगुवाई की।
हिम दर्शन कुटीर पर्यावरण समिति के सदस्य भी रहे। उनके दो बेटे इंजीनियर हैं। जबकि एक बेटा घर पर होम स्टे योजना चलाता है। निधन पर राजेंद्र कार्की, गोकुल पंचपाल, मनोहर पंचपाल, राजेंद्र महर, जीवन वर्मा, शिवदत्त पांडेय, गंगा सिंह पांगती, कुंदन पंचपाल, चंद्रशेखर पाठक आदि क्षेत्रवासियों ने शोक जताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
धर्मशक्तू ने राइंका कार्की नगर में वर्ष 1968 से सेवा दी। वह वर्ष 2002 में प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत हुए। बतौर शिक्षक और शिक्षा प्रशासक उन्होंने विद्यालय ही नहीं आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा सुधार की दिशा में काम किया। सेवानिवृत्ति के बाद क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाई। इस दौरान हिमालय बचाओ अभियान, पर्यावरण बचाओ, वृक्ष लगाओ अभियान, स्वच्छता अभियान की अगुवाई की।
विज्ञापन
हिम दर्शन कुटीर पर्यावरण समिति के सदस्य भी रहे। उनके दो बेटे इंजीनियर हैं। जबकि एक बेटा घर पर होम स्टे योजना चलाता है। निधन पर राजेंद्र कार्की, गोकुल पंचपाल, मनोहर पंचपाल, राजेंद्र महर, जीवन वर्मा, शिवदत्त पांडेय, गंगा सिंह पांगती, कुंदन पंचपाल, चंद्रशेखर पाठक आदि क्षेत्रवासियों ने शोक जताया है।
विज्ञापन