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सीएचसी कपकोट से पीपीपी मोड का अनुबंध आज हो रहा पूरा
Updated Sat, 12 May 2018 10:40 PM IST
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कपकोट का सरकारी अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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कपकोट (बागेश्वर)। तहसील मुख्यालय स्थित शील नर्सिंग होम बरेली और स्वास्थ्य विभाग के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट से हुए पीपीपी मोड का पांच साल का अनुबंध 13 मई को पूरा हो रहा है। अनुबंध का नवीनीकरण होगा या नहीं इस पर स्वास्थ्य महानिदेशालय से कोई स्पष्ट आदेश नहीं आए हैं लेकिन सीएमओ ने अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी को अस्पताल संचालन के तुरंत वैकल्पिक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। पत्र मिलते ही प्रभारी चिकित्साधिकारी अस्पताल के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था में जुट गए हैं।
शील नर्सिंग होम बरेली, स्वास्थ्य विभाग के मध्य सीएचसी कपकोट के पीपीपी मोड के तहत चलाने के लिए 13 मई को 2012 अनुबंध हुआ था। अनुबंध को 13 मई को पांच साल पूरे हो रहे हैं। शील की ओर से स्वास्थ्य महानिदेशालय को अनुबंध के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है। अनुबंध बरकरार रहेगा या निरस्त इस पर निदेशालय ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है। सीएमओ डॉ. जेसी मंडल ने बताया कि स्पष्ट आदेश आने तक विभाग ही अस्पताल का संचालन करता रहेगा। विभाग अस्पताल को 14 मई को अपने संचालन में ले लेगा। प्रभारी चिकित्साधिकारी को अस्पताल के संचालन के लिए तुरंत वैकल्पिक इंतजाम करने के निर्देश दे दिए हैं। सीएचसी के प्रभारी डॉ. बीएस रावत ने बताया कि अस्पताल में चार रंगरूट डॉक्टरों, एनएचएम से दो स्टाफ नर्स, चार वार्डब्वॉय, एक पर्यावरण मित्र की व्यवस्था कर इसकी सूचना सीएमओ को भेज दी गई है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर 14 मई से अस्पताल को अपने संचालन में ले लिया जाएगा।
40 डॉक्टर, कर्मी 14 से बेरोजगार हो जाएंगे
कपकोट (बागेश्वर)। पीपीपी मोड संचालित सीएचसी कपकोट के 14 मई से स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण में जाने के साथ ही यहां कार्यरत 40 डॉक्टर, कर्मी बेरोजगार हो जाएंगे। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने शासन, स्वास्थ्य विभाग से शील नर्सिंग होम बरेली के पीपीपी मोड के तहत तैनात कर्मियों को शीघ्र अस्पतालों में समायोजित करने की मांग की है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से इस मामले में शासन पर दबाव बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है। कहा कि अस्पताल का अनुबंध नवीनीकरण न होने से कर्मियों को बेरोजगारी की मार झेलनी पड़ेगी। मांग करने वालों में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कल्याण संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष विशन गढ़िया, चौड़ास्थल को ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष विक्रम दानू, ग्रामीण विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष रघुवीर बिष्ट, व्यापार मंडल भराड़ी के अध्यक्ष शेर सिंह ऐठानी, मल्ला दानपुर विकास समिति के अध्यक्ष स्वरूप सिंह कर्म्याल आदि थे।
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शील नर्सिंग होम बरेली, स्वास्थ्य विभाग के मध्य सीएचसी कपकोट के पीपीपी मोड के तहत चलाने के लिए 13 मई को 2012 अनुबंध हुआ था। अनुबंध को 13 मई को पांच साल पूरे हो रहे हैं। शील की ओर से स्वास्थ्य महानिदेशालय को अनुबंध के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है। अनुबंध बरकरार रहेगा या निरस्त इस पर निदेशालय ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है। सीएमओ डॉ. जेसी मंडल ने बताया कि स्पष्ट आदेश आने तक विभाग ही अस्पताल का संचालन करता रहेगा। विभाग अस्पताल को 14 मई को अपने संचालन में ले लेगा। प्रभारी चिकित्साधिकारी को अस्पताल के संचालन के लिए तुरंत वैकल्पिक इंतजाम करने के निर्देश दे दिए हैं। सीएचसी के प्रभारी डॉ. बीएस रावत ने बताया कि अस्पताल में चार रंगरूट डॉक्टरों, एनएचएम से दो स्टाफ नर्स, चार वार्डब्वॉय, एक पर्यावरण मित्र की व्यवस्था कर इसकी सूचना सीएमओ को भेज दी गई है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर 14 मई से अस्पताल को अपने संचालन में ले लिया जाएगा।
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40 डॉक्टर, कर्मी 14 से बेरोजगार हो जाएंगे
कपकोट (बागेश्वर)। पीपीपी मोड संचालित सीएचसी कपकोट के 14 मई से स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण में जाने के साथ ही यहां कार्यरत 40 डॉक्टर, कर्मी बेरोजगार हो जाएंगे। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने शासन, स्वास्थ्य विभाग से शील नर्सिंग होम बरेली के पीपीपी मोड के तहत तैनात कर्मियों को शीघ्र अस्पतालों में समायोजित करने की मांग की है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से इस मामले में शासन पर दबाव बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है। कहा कि अस्पताल का अनुबंध नवीनीकरण न होने से कर्मियों को बेरोजगारी की मार झेलनी पड़ेगी। मांग करने वालों में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कल्याण संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष विशन गढ़िया, चौड़ास्थल को ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष विक्रम दानू, ग्रामीण विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष रघुवीर बिष्ट, व्यापार मंडल भराड़ी के अध्यक्ष शेर सिंह ऐठानी, मल्ला दानपुर विकास समिति के अध्यक्ष स्वरूप सिंह कर्म्याल आदि थे।
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