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Bageshwar News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
Thu, 11 May 2023 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 11 May 2023 11:09 PM IST
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विशेष न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने सुनाया फैसला, 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया
जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। नाबालिग से दुष्कर्म करने के दोषी को विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
कपकोट क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी छह नवंबर 2022 की रात को शौच के लिए घर से बाहर गई थी। इसी दौरान आरोपी दुर्गा सिंह उसे अपनी गोशाला मेें ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने नाबालिग को गौशाला में ही बंद कर दिया। दूसरे दिन गांव के पोस्टमैन को रास्ते से गुजरते समय इसका पता चला तो उन्होंने इसकी सूचना किशोरी के परिवार वालों को दी। परिवार वालों ने सात नवंबर को दोपहर करीब ढाई बजे आरोपी की गोशाला का ताला तोड़कर किशोरी को बाहर निकाला।
परिजनों के पूछने पर किशोरी ने बताया कि आरोपी उसे धमकाकर ले गया और गोशाला में ले जाकर दुष्कर्म किया। इससे पूर्व भी वह कई बार खेतों में उसके साथ दुष्कर्म कर चुका है। किशोरी की आपबीती सुनने के बाद परिजनों ने कपकोट थाने में केस दर्ज कराया। एसआई मीना रावत ने मामले की विवेचना कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो खड़क सिंह कार्की ने मामले की पैरवी करते हुए न्यायालय में 13 गवाह पेेश किए।
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साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोष सिद्ध करते हुए धारा 342 में छह माह की सजा, 1000 रुपये के अर्थदंड, अर्थदंड जमा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 5ठ/6 में 20 साल का कठोर कारावास, 20 हजार का अर्थदंड, धारा 506 में एक वर्ष की सजा, 2000 रुपये जुर्माना, अर्थदंड जमा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास और धारा 363 में तीन साल का कठोर कारावास, 2000 के अर्थदंड की सजा, अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। जेल में बिताई गई अवधि दी गई सजा में समायोजित की जाएगी। मामले में अधिरोपित जुर्माने की सारी राशि पीड़िता को पुनर्वास के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी।
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जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। नाबालिग से दुष्कर्म करने के दोषी को विशेष सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
कपकोट क्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी छह नवंबर 2022 की रात को शौच के लिए घर से बाहर गई थी। इसी दौरान आरोपी दुर्गा सिंह उसे अपनी गोशाला मेें ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने नाबालिग को गौशाला में ही बंद कर दिया। दूसरे दिन गांव के पोस्टमैन को रास्ते से गुजरते समय इसका पता चला तो उन्होंने इसकी सूचना किशोरी के परिवार वालों को दी। परिवार वालों ने सात नवंबर को दोपहर करीब ढाई बजे आरोपी की गोशाला का ताला तोड़कर किशोरी को बाहर निकाला।
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परिजनों के पूछने पर किशोरी ने बताया कि आरोपी उसे धमकाकर ले गया और गोशाला में ले जाकर दुष्कर्म किया। इससे पूर्व भी वह कई बार खेतों में उसके साथ दुष्कर्म कर चुका है। किशोरी की आपबीती सुनने के बाद परिजनों ने कपकोट थाने में केस दर्ज कराया। एसआई मीना रावत ने मामले की विवेचना कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो खड़क सिंह कार्की ने मामले की पैरवी करते हुए न्यायालय में 13 गवाह पेेश किए।
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साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोष सिद्ध करते हुए धारा 342 में छह माह की सजा, 1000 रुपये के अर्थदंड, अर्थदंड जमा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 5ठ/6 में 20 साल का कठोर कारावास, 20 हजार का अर्थदंड, धारा 506 में एक वर्ष की सजा, 2000 रुपये जुर्माना, अर्थदंड जमा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास और धारा 363 में तीन साल का कठोर कारावास, 2000 के अर्थदंड की सजा, अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। जेल में बिताई गई अवधि दी गई सजा में समायोजित की जाएगी। मामले में अधिरोपित जुर्माने की सारी राशि पीड़िता को पुनर्वास के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी।