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चुनाव में खलल की आशंका में चिन्हित 103 शख्स कानूनी शिकंजे से आजाद
Updated Thu, 15 Nov 2018 11:43 PM IST
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बागेश्वर। निकाय चुनाव के मतदान में दो ही दिन शेष हैं। लेकिन निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निकाय चुनाव में खलल की आशंका में चिन्हित किए गए 103 लोग कानूनी शिकंजे से आजाद चल रहे हैं। अभी तक पुलिस प्रशासन खलल की आशंका वाले इन लोगों को पाबंद नहीं कर पाया है। 15 अक्टूबर से जारी आचार संहिता के बाद पुलिस प्रशासन एक माह में महज 15 चिन्हित व्यक्तियों को ही पाबंद कर पाया है। अब दो दिन के भीतर बाकी 103 चिन्हित लोग कैसे पाबंद होंगे। यह एक अहम सवाल बना हुआ है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की चुनाव तैयारियों पर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
बागेश्वर और कपकोट नगर निकाय में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव में खलल की आशंका में 31 निरोधात्मक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें विभिन्न राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों से जुड़े 118 लोग शामिल हैं। कानूनन सभी को चुनाव से पहले एसडीएम कोर्ट से पाबंद किया जाना है। लेकिन आचार संहिता प्रभावी होने के माह भर बाद भी खलल की आशंका वाले 103 शख्स आजाद घूम रहे हैं। इन पर चुनाव को प्रभावित करने या फिर गड़बड़ी फैलाने की पुख्ता आशंका है। लेकिन अभी तक 15 को ही पाबंद किया जा सका है। जबकि अब मतदान में दो दिन ही शेष हैं। पुलिस प्रशासन की इस ढिलाई पर सवाल उठे हैं।
पुलिस की रडार से बाहर चार हिस्ट्रीशीटर
बागेश्वर। निकाय चुनाव के बीच बागेश्वर और कपकोट के चार हिस्ट्रीशीटर पुलिस रडार से गायब हो गए हैं। इन हिस्ट्रीशीटर से चुनाव में आपराधिक खलल और गड़बड़ी की आशंका भी है। मतदान मेें दो दिन बचे हैं। निगरानी तो दूर पुलिस को इनका कुछ अतापता तक नहीं है। बागेश्वर और कपकोट निकाय क्षेत्र में 11 हिस्ट्रीशीटर पंजीकृत हैं। इनमें से छह क्षेत्र में पुलिस की निगरानी में ही मौजूद हैं। जबकि एक दिल्ली में ट्रैस हुआ है। चार हिस्ट्रीशीटर लापता चल रहे हैं। काफी हाथ-पांव मारने के बाद भी पुलिस इन हिस्ट्रीशीटर को नहीं खोज पाई है।
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21 ने नहीं जमा कराए असलाह
बागेश्वर। बागेश्वर और कपकोट निकाय में 155 लाइसेंसधारी हैं। अभी तक 21 लाइसेंसधारियों ने अपने असलाह सरकारी मालखाने में जमा नहीं कराए हैं। इनमें से 134 के ही असलाह जमा हुए हैैं। मतदान में दो ही दिन बचे हैं। ऐसे में असलाह जमा न होने से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव में खलल और गड़बड़ी के आसार बने हैं। ब्यूरो
कोट
सीआरपीसी में निरुद्ध सभी आरोपियों को मुचलका पाबंद किया जाएगा। हिस्ट्रीशीटर की निगरानी जारी है। किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत गिरफ्तारी होगी। असलाह जमा न कराने वाले लाइसेंसधारियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मुकेश कुमार, एसपी, बागेश्वर
बागेश्वर और कपकोट नगर निकाय में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव में खलल की आशंका में 31 निरोधात्मक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें विभिन्न राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों से जुड़े 118 लोग शामिल हैं। कानूनन सभी को चुनाव से पहले एसडीएम कोर्ट से पाबंद किया जाना है। लेकिन आचार संहिता प्रभावी होने के माह भर बाद भी खलल की आशंका वाले 103 शख्स आजाद घूम रहे हैं। इन पर चुनाव को प्रभावित करने या फिर गड़बड़ी फैलाने की पुख्ता आशंका है। लेकिन अभी तक 15 को ही पाबंद किया जा सका है। जबकि अब मतदान में दो दिन ही शेष हैं। पुलिस प्रशासन की इस ढिलाई पर सवाल उठे हैं।
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पुलिस की रडार से बाहर चार हिस्ट्रीशीटर
बागेश्वर। निकाय चुनाव के बीच बागेश्वर और कपकोट के चार हिस्ट्रीशीटर पुलिस रडार से गायब हो गए हैं। इन हिस्ट्रीशीटर से चुनाव में आपराधिक खलल और गड़बड़ी की आशंका भी है। मतदान मेें दो दिन बचे हैं। निगरानी तो दूर पुलिस को इनका कुछ अतापता तक नहीं है। बागेश्वर और कपकोट निकाय क्षेत्र में 11 हिस्ट्रीशीटर पंजीकृत हैं। इनमें से छह क्षेत्र में पुलिस की निगरानी में ही मौजूद हैं। जबकि एक दिल्ली में ट्रैस हुआ है। चार हिस्ट्रीशीटर लापता चल रहे हैं। काफी हाथ-पांव मारने के बाद भी पुलिस इन हिस्ट्रीशीटर को नहीं खोज पाई है।
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21 ने नहीं जमा कराए असलाह
बागेश्वर। बागेश्वर और कपकोट निकाय में 155 लाइसेंसधारी हैं। अभी तक 21 लाइसेंसधारियों ने अपने असलाह सरकारी मालखाने में जमा नहीं कराए हैं। इनमें से 134 के ही असलाह जमा हुए हैैं। मतदान में दो ही दिन बचे हैं। ऐसे में असलाह जमा न होने से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव में खलल और गड़बड़ी के आसार बने हैं। ब्यूरो
कोट
सीआरपीसी में निरुद्ध सभी आरोपियों को मुचलका पाबंद किया जाएगा। हिस्ट्रीशीटर की निगरानी जारी है। किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत गिरफ्तारी होगी। असलाह जमा न कराने वाले लाइसेंसधारियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मुकेश कुमार, एसपी, बागेश्वर