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डीएम के खत से कठघरे में आए वन विभाग के अफसर
Updated Fri, 21 Sep 2018 11:12 PM IST
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बागेश्वर। इस वर्ष छह माह के भीतर तेंदुए के हमलों में चार मासूम जान गंवा चुके हैं। तेंदुए के जानलेवा हमले बदस्तूर जारी हैं लेकिन वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। अब डीएम के खत ने भी वन विभाग के अफसरों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। डीएम ने मुख्य सचिव को खत लिखकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने शासन स्तर से विभाग को त्वरित कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है।
आरोप है कि विभाग ने पहली घटना से लेकर अब तक रोकथाम के लिए कोई काम नहीं किया। इसके चलते तेंदुए के हमले बदस्तूर जारी रहे। मासूमों की मौत से पीड़ितों में विभाग के प्रति काफी गुस्सा है। तेंदुओं के आतंक के शिकार ग्रामीण विभाग के खिलाफ लामबंद भी होने लगे हैं। विभाग की नाकामी से खफा डीएम ने मुख्य सचिव को खत लिखकर कामकाज पर सवाल उठाए हैं।
डीएम का कहना है कि पहली घटना से लेकर आज तक विभाग के किसी भी उच्च अधिकारी ने मौके पर आने की जहमत तक नहीं उठाई। सारी जिम्मेदारी डीएफओ, कर्मियों पर डाल दी जबकि पहले से ही विभाग संसाधन विहीन है। ऐसे में आदमखोर से निपटना खुद किसी चुनौती से कम नहीं है। डीएम ने मुख्य सचिव से विभाग को तेंदुए के हमलों की रोकथाम के लिए त्वरित कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है।
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जले में तेंदुए के जानलेवा हमले
19 सितंबर को बागेश्वर के नदीगांव में छह साल की मासूम को बनाया शिकार
3 सितंबर को गरुड़ के शैलखनारी गांव में चार साल की मासूम को बनाया शिकार
12 जून को गरुड़ के हरिनगरी में छह साल की मासूम को बनाया शिकार
23 मार्च गरुड़ के हरिनगरी में पांच साल के मासूम को बनाया शिकार
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आरोप है कि विभाग ने पहली घटना से लेकर अब तक रोकथाम के लिए कोई काम नहीं किया। इसके चलते तेंदुए के हमले बदस्तूर जारी रहे। मासूमों की मौत से पीड़ितों में विभाग के प्रति काफी गुस्सा है। तेंदुओं के आतंक के शिकार ग्रामीण विभाग के खिलाफ लामबंद भी होने लगे हैं। विभाग की नाकामी से खफा डीएम ने मुख्य सचिव को खत लिखकर कामकाज पर सवाल उठाए हैं।
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डीएम का कहना है कि पहली घटना से लेकर आज तक विभाग के किसी भी उच्च अधिकारी ने मौके पर आने की जहमत तक नहीं उठाई। सारी जिम्मेदारी डीएफओ, कर्मियों पर डाल दी जबकि पहले से ही विभाग संसाधन विहीन है। ऐसे में आदमखोर से निपटना खुद किसी चुनौती से कम नहीं है। डीएम ने मुख्य सचिव से विभाग को तेंदुए के हमलों की रोकथाम के लिए त्वरित कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है।
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जले में तेंदुए के जानलेवा हमले
19 सितंबर को बागेश्वर के नदीगांव में छह साल की मासूम को बनाया शिकार
3 सितंबर को गरुड़ के शैलखनारी गांव में चार साल की मासूम को बनाया शिकार
12 जून को गरुड़ के हरिनगरी में छह साल की मासूम को बनाया शिकार
23 मार्च गरुड़ के हरिनगरी में पांच साल के मासूम को बनाया शिकार