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दो साल पूर्व ध्वस्त पेयजल टैंक का नहीं हुआ सुधार
Updated Thu, 08 Jun 2017 10:23 PM IST
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दो साल पहले ध्वस्त पेयजल टैंक नहीं सुधरा
कांडा (बागेश्वर)। दो साल पहले ध्वस्त हुई नारायणगूंठ पंचौड़ा के लिए बनी लेक्सूना बद्रीनाथ पेयजल योजना के टैंक का निर्माण दो साल बाद भी नहीं हुआ है। टैंक का सारा पानी बरबाद हो रहा है जबकि ग्रामीणों को गाड़ गधेरों से पीने का पानी जुटाना पड़ रहा है। अब ग्रामीणों ने पेयजल टैंक का सुधार नहीं होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
नारायणगूंठ और पंचौड़ा के लिए 40 वर्ष पहले बनी पेयजल योजना का टैंक वर्ष 2015 में भारी बरसात के दौरान ध्वस्त हो गया था। टैंक में पानी नहीं रुकने के कारण सौखोला, नारायणगूंठ और अलकन्या की एक हजार की आबादी को जरूरत का पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण गाड़ गधेरों का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान सविता नगरकोटी ने बताया कि टैंक के सुधार के लिए नवंबर 2016 में ग्रामीणों ने अनशन भी किया था। प्रशासन द्वारा झूठा आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया गया था। आज तक इस टैंक का सुधार नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र पेयजल टैंक का सुधार करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि टैंक का सुधार नहीं किया जाता है तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रकाश सिंह, मोहन सिंह, बालम सिंह, लीला देवी, प्रेम चंद्र पांडेय, प्रकाश पांडेय, कमला देवी, पंकज कुमार, नैन सिंह, श्याम सिंह आदि ग्रामीण शामिल हैं।
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कांडा (बागेश्वर)। दो साल पहले ध्वस्त हुई नारायणगूंठ पंचौड़ा के लिए बनी लेक्सूना बद्रीनाथ पेयजल योजना के टैंक का निर्माण दो साल बाद भी नहीं हुआ है। टैंक का सारा पानी बरबाद हो रहा है जबकि ग्रामीणों को गाड़ गधेरों से पीने का पानी जुटाना पड़ रहा है। अब ग्रामीणों ने पेयजल टैंक का सुधार नहीं होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
नारायणगूंठ और पंचौड़ा के लिए 40 वर्ष पहले बनी पेयजल योजना का टैंक वर्ष 2015 में भारी बरसात के दौरान ध्वस्त हो गया था। टैंक में पानी नहीं रुकने के कारण सौखोला, नारायणगूंठ और अलकन्या की एक हजार की आबादी को जरूरत का पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण गाड़ गधेरों का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान सविता नगरकोटी ने बताया कि टैंक के सुधार के लिए नवंबर 2016 में ग्रामीणों ने अनशन भी किया था। प्रशासन द्वारा झूठा आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया गया था। आज तक इस टैंक का सुधार नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र पेयजल टैंक का सुधार करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि टैंक का सुधार नहीं किया जाता है तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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ज्ञापन सौंपने वालों में प्रकाश सिंह, मोहन सिंह, बालम सिंह, लीला देवी, प्रेम चंद्र पांडेय, प्रकाश पांडेय, कमला देवी, पंकज कुमार, नैन सिंह, श्याम सिंह आदि ग्रामीण शामिल हैं।
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