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तेंदुए के आतंक से परेशान लोगों ने वन विभाग के खिलाफ निकाला गुस्सा
Updated Thu, 10 May 2018 11:32 PM IST
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बागेश्वर। मजियाखेत में तेंदुआ रात भर दहाड़ता रहा। तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा पिछले तीन दिन से खाली है। बृहस्पतिवार को निरीक्षण के लिए पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों के सामने लोगों ने नाराजगी जताते हुए तेंदुए के आतंक से शीघ्र निजात दिलाने की मांग उठाई।
तहसील परिसर से सटे मजियाखेत में पिछले एक साल से तेंदुए का आतंक बना हुआ है। तेंदुए शाम ढलते ही आबादी में दिखाई दे रहे हैं। पांच दिन पूर्व तेंदुए का एक शावक निर्माणाधीन मकान के पास मिला था। इस शावक को वन विभाग द्वारा पकड़ने के बाद एक पिंजरा लगा दिया था, लेकिन अभी तक मादा तेंदुआ इस पिंजरे में कैद नहीं हो पाई है।
शावक से अलग होने के बाद मादा तेंदुआ लगातार आबादी में आकर दहाड़ रही है। बुधवार रात भी तेंदुए की दहाड़ से लोग भयभीत रहे। बृहस्पतिवार की सुबह निरीक्षण पर आए वन विभाग के अधिकारियों के सामने लोगों ने आक्रोश जताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलने के बाद वह घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
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इस पर वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों को आबादी के आसपास फैली झाड़ियों को काटने की सलाह दी। गोविंद सिंह, दीवान सिंह नेगी, मदन सिंह, ललित मोहन, दीपा देवी, मोहनी देवी, चंद्रा मेहता, बहादुर सिंह, चतुर सिंह, उमा गुरुरानी आदि ने उप प्रभागीय वनाधिकारी से शीघ्र तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की। लोगों का कहना है कि यदि विभाग शीघ्र समस्या का समाधान नहीं करता है तो आंदोलन किया जाएगा।
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तहसील परिसर से सटे मजियाखेत में पिछले एक साल से तेंदुए का आतंक बना हुआ है। तेंदुए शाम ढलते ही आबादी में दिखाई दे रहे हैं। पांच दिन पूर्व तेंदुए का एक शावक निर्माणाधीन मकान के पास मिला था। इस शावक को वन विभाग द्वारा पकड़ने के बाद एक पिंजरा लगा दिया था, लेकिन अभी तक मादा तेंदुआ इस पिंजरे में कैद नहीं हो पाई है।
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शावक से अलग होने के बाद मादा तेंदुआ लगातार आबादी में आकर दहाड़ रही है। बुधवार रात भी तेंदुए की दहाड़ से लोग भयभीत रहे। बृहस्पतिवार की सुबह निरीक्षण पर आए वन विभाग के अधिकारियों के सामने लोगों ने आक्रोश जताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलने के बाद वह घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
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इस पर वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों को आबादी के आसपास फैली झाड़ियों को काटने की सलाह दी। गोविंद सिंह, दीवान सिंह नेगी, मदन सिंह, ललित मोहन, दीपा देवी, मोहनी देवी, चंद्रा मेहता, बहादुर सिंह, चतुर सिंह, उमा गुरुरानी आदि ने उप प्रभागीय वनाधिकारी से शीघ्र तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने की मांग की। लोगों का कहना है कि यदि विभाग शीघ्र समस्या का समाधान नहीं करता है तो आंदोलन किया जाएगा।