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हिरनों के झुंड ने चट कर दी गेहूं व मसूर की फसल
Updated Thu, 08 Mar 2018 10:56 PM IST
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कपकोट (बागेश्वर)। तहसील के गासूं परमटी में घुरड़ (हिरन) ने गेहूं और मसूर की फसल चौपट कर दी। परेशान ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार सूचित करने के बाद भी वन विभाग द्वारा फसलों की सुरक्षा के उपाय नहीं किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। किसानों ने मुआवजा नहीं देने पर वन विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों ने बताया कि घुरड़ खेतों में आकर तीन बार गेेहूं और मसूर की फसल चर चुके हैं। पहले ही फसल सूखे से प्रभावित थी। ओलावृष्टि से भी फसलों को नुकसान पहुंचा और अब बचीखुुची फसल को घुरड़ नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे अधिकांश किसानों के खेतों में बीज भंडारण के लायक भी अनाज उत्पादन होने की संभावना नहीं बची है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हिरन के खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाने की सूचना वन विभाग को दी गई थी।
इसके बावजूद फसलों की सुरक्षा को लेकर कोई उपाय नहीं किया गया। आनंद बिष्ट, राम सिंह, विनोद सिंह, श्याम सिंह, विशन सिंह, बहादुर बिष्ट, सरपंच हीरा सिंह मर्तोलिया ने वन विभाग से मुआवजा देने की मांग की है। वहीं रेंजर भुवनेश्वर कुमार पंत ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा क्षति का आंकलन करने के बाद विभाग मुआवजे की कार्रवाई करेगा।
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ग्रामीणों ने बताया कि घुरड़ खेतों में आकर तीन बार गेेहूं और मसूर की फसल चर चुके हैं। पहले ही फसल सूखे से प्रभावित थी। ओलावृष्टि से भी फसलों को नुकसान पहुंचा और अब बचीखुुची फसल को घुरड़ नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे अधिकांश किसानों के खेतों में बीज भंडारण के लायक भी अनाज उत्पादन होने की संभावना नहीं बची है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हिरन के खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाने की सूचना वन विभाग को दी गई थी।
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इसके बावजूद फसलों की सुरक्षा को लेकर कोई उपाय नहीं किया गया। आनंद बिष्ट, राम सिंह, विनोद सिंह, श्याम सिंह, विशन सिंह, बहादुर बिष्ट, सरपंच हीरा सिंह मर्तोलिया ने वन विभाग से मुआवजा देने की मांग की है। वहीं रेंजर भुवनेश्वर कुमार पंत ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा क्षति का आंकलन करने के बाद विभाग मुआवजे की कार्रवाई करेगा।
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