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झाड़ी में फंसे तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर बचाया
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बागेश्वर। दफौट क्षेत्र के ग्राम तुनेड़ा में झाड़ियों में फंसे तेंदुए को वन विभाग की टीम ने बेहोश कर कब्जे में किया। उपचार के बाद अब तेंदुए की हालत ठीक है। इस तेंदुए को अल्मोड़ा चिड़ियाघर भेजा जा रहा है।
दफौट क्षेत्र में बीते कई महीनों से तेंदुए एक तेंदुआ सक्रिय था। इस तेंदुए की वजह से लोग खासे आतंकित थे। बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीणों ने तुनेड़ा गांव की झाड़ियों में तेंदुए के गुर्राने की आवाज सुनी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने झाड़ी में फंसे तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किया। टीम ने बेहोश तेंदुए को पिंजरे में कैद किया और उपचार के लिए प्रभागीय वन अधिकारी कार्यालय ले गई। अधिकारियों के मुताबिक उपचार के बाद तेंदुए की हालत ठीक है।
ग्रामीणों की डर से तेंदुआ घनी झाड़ियों में घुस गया था। वहां से बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ मादा है। उसकी उम्र लगभग 4-5 साल है। उसे अल्मोड़ा जू भेजा जा रहा है।
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दफौट क्षेत्र में बीते कई महीनों से तेंदुए एक तेंदुआ सक्रिय था। इस तेंदुए की वजह से लोग खासे आतंकित थे। बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीणों ने तुनेड़ा गांव की झाड़ियों में तेंदुए के गुर्राने की आवाज सुनी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने झाड़ी में फंसे तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किया। टीम ने बेहोश तेंदुए को पिंजरे में कैद किया और उपचार के लिए प्रभागीय वन अधिकारी कार्यालय ले गई। अधिकारियों के मुताबिक उपचार के बाद तेंदुए की हालत ठीक है।
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ग्रामीणों की डर से तेंदुआ घनी झाड़ियों में घुस गया था। वहां से बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ मादा है। उसकी उम्र लगभग 4-5 साल है। उसे अल्मोड़ा जू भेजा जा रहा है।
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