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टीईटी परीक्षा के आवेदन फॉर्म न मिलने से बेरोजगार परेशान
Updated Sun, 23 Sep 2018 10:29 PM IST
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बागेश्वर। तहसील गरुड़ के डाकघर में टीईटी परीक्षा के आवेदन पत्र न मिलने से प्रशिक्षित बेरोजगार परेशान हैं। बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर टीईटी के आवेदन पत्र डाकघर में भेजे जाने और आवेदन पत्र जमा करने की तिथि बढ़ाने मांग की है।
प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन ने कहा है डाकघरों में टीईटी परीक्षा 2018 के आवेदन समाप्त हो गए हैं। जिससे बेरोजगारों को भारी परेशानी हो रही है तथा वह टीईटी परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। कई प्रशिक्षित बेरोजगार आवेदन पत्र नहीं खरीद पाए हैं। ज्ञापन भेजने वालों में दिनेश कांडपाल, ओमप्रकाश फुलारा, प्रवीण कुमार, महेश चंद्र, निशा बिष्ट, रेखा बोरा, जानकी जोशी आदि हैं।
50 प्रतिशत की बाध्यता समाप्त हो
बागेश्वर। प्रशिक्षित बेरोजगारों ने टीईटी के लिए स्नातक में 50 प्रतिशत अंकों की बाध्यता समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूर्व में स्नातक में 45 प्रतिशत के आधार पर बीएड किया है। सरकार और एनसीटीई ने 50 प्रतिशत की बाध्यता कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने सीएम को ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी कि शासन ने प्रतिशत की बाध्यता समाप्त नहीं की गई तो वह उच्च न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे। ज्ञापन भेजने वालों में हरिप्रकाश, नवीन चंद्र, महेश भट्ट, नंद किशोर, बबीता, उमा आदि हैं।
प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन ने कहा है डाकघरों में टीईटी परीक्षा 2018 के आवेदन समाप्त हो गए हैं। जिससे बेरोजगारों को भारी परेशानी हो रही है तथा वह टीईटी परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। कई प्रशिक्षित बेरोजगार आवेदन पत्र नहीं खरीद पाए हैं। ज्ञापन भेजने वालों में दिनेश कांडपाल, ओमप्रकाश फुलारा, प्रवीण कुमार, महेश चंद्र, निशा बिष्ट, रेखा बोरा, जानकी जोशी आदि हैं।
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50 प्रतिशत की बाध्यता समाप्त हो
बागेश्वर। प्रशिक्षित बेरोजगारों ने टीईटी के लिए स्नातक में 50 प्रतिशत अंकों की बाध्यता समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूर्व में स्नातक में 45 प्रतिशत के आधार पर बीएड किया है। सरकार और एनसीटीई ने 50 प्रतिशत की बाध्यता कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने सीएम को ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी कि शासन ने प्रतिशत की बाध्यता समाप्त नहीं की गई तो वह उच्च न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे। ज्ञापन भेजने वालों में हरिप्रकाश, नवीन चंद्र, महेश भट्ट, नंद किशोर, बबीता, उमा आदि हैं।
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