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जान हथेली पर रखकर नाला पार कर रहे बिलेख के ग्रामीण
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:18 AM IST
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बागेश्वर। रवाईखाल कस्बे के पास पड़ने वाले बिलेख गांव के ग्रामीण जान हथेली पर रखकर नाला पार कर रहे हैं। नाले में पैदल पुलिया बनाने की मांग बीते कई सालों से की जा रही है। लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की मांग को अनसुना किया जा रहा है।
जिला मुख्यालय से महज 10 किमी की दूरी पर स्थित बिलेख गांव के ग्रामीणों के समक्ष हर साल बरसात के सीजन में संकट खड़ा हो जाता है। रवाईखाल- बिलेख के बीच में पड़ने वाला बरसाती नाला तीन माह तक उफान पर रहता है। इस दौरान ग्रामीण व स्कूली बच्चे भी उफनाते नाले को पार कर स्कूल जाते हैं। ग्रामीण संजय चन्याल बताते हैं कि बीते कई सालों से नाले में पैदल पुलिया निर्माण की मांग की जा रही है। लेकिन शासन, प्रशासन अनसुना कर रहा है।
मरीजों को भी अस्पताल ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला पंचायत सदस्य मनोज कुमार ने बताया कि गांव की समस्या को लेकर कई बार सूचित करने के बाद भी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। कहा कि ऐसी स्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिलेख नाले में पैदल पुलिया का निर्माण नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
जिला मुख्यालय से महज 10 किमी की दूरी पर स्थित बिलेख गांव के ग्रामीणों के समक्ष हर साल बरसात के सीजन में संकट खड़ा हो जाता है। रवाईखाल- बिलेख के बीच में पड़ने वाला बरसाती नाला तीन माह तक उफान पर रहता है। इस दौरान ग्रामीण व स्कूली बच्चे भी उफनाते नाले को पार कर स्कूल जाते हैं। ग्रामीण संजय चन्याल बताते हैं कि बीते कई सालों से नाले में पैदल पुलिया निर्माण की मांग की जा रही है। लेकिन शासन, प्रशासन अनसुना कर रहा है।
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मरीजों को भी अस्पताल ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला पंचायत सदस्य मनोज कुमार ने बताया कि गांव की समस्या को लेकर कई बार सूचित करने के बाद भी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। कहा कि ऐसी स्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिलेख नाले में पैदल पुलिया का निर्माण नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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