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सड़कों की सेहत पर भारी पड़ रही प्री मॉनसून की बारिश
Updated Sun, 01 Jul 2018 12:10 AM IST
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कपकोट की तरसाल-सूपी सड़क पर आया मलबा।
- फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। मॉनसून की आंशिक बारिश ही जिले की सड़कों की सेहत पर भारी पड़ रही है। जिले में चार मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गए। इससे मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई। मॉनसून की बारिश में ही ये हाल हैं तो मॉनसून में इन सड़कों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
शुक्रवार रात कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग किमी 13 पर मलबा आने से फिर बंद हो गया। यह मार्ग इससे पहले शुक्रवार सुबह बंद हुआ था। मलबा हटाने के बाद दोपहर आवाजाही शुरू हो गई थी लेकिन सड़क पर दोबारा मलबा आ गया। इसी तरह शामा-नौकुड़ी मोटर मार्ग पांच किमी पर बंद हो गया।
दूसरी ओर, निर्माणाधीन तोली-बघर मोटर मार्ग पिछले दो दिन से बंद है। पिंडारी ग्लेशियर मोटर मार्ग पिछले एक माह से अधिक समय से बंद है। इस मार्ग पर भानी के पास तीन स्थानों पर भारी मलबा आया है। किमी तीन पर पूरी सड़क खाई में समा गई है। इस मार्ग का यातायात कर्मी-रीठाबगड़ रोड पर डायवर्ट किया गया है। इधर, आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि कर्मी और शामा मोटर मार्ग दोहपर को मलबा हटाने के बाद खोल दिए गए। अन्य सड़कें अभी भी बंद हैं।
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तरसाल-सूपी मार्ग आवाजाही के लिए बना खतरा
बागेश्वर। कपकोट विकास खंड में तरसाल-सूपी मोटर मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए खतरनाक बना हुआ है। यह मार्ग 10 वर्ष पूर्व काटा गया था, लेकिन अभी तक इस पर डामरीकरण नहीं हो पाया। नतीजतन सड़क पर जगह-जगह गढ्ढे बन गए हैं जबकि पहाड़ियों से सड़क पर मलबा गिरने का क्रम जारी है।
ग्रामीण और वाहन चालक जान हथेली पर लेकर आवाजाही को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों ने सड़क में खतरा बने अवरोधकों को हटाने के साथ ही डामरीकरण की योजना को जल्द मूर्त रूप देने की मांग उठाई है।
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शुक्रवार रात कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग किमी 13 पर मलबा आने से फिर बंद हो गया। यह मार्ग इससे पहले शुक्रवार सुबह बंद हुआ था। मलबा हटाने के बाद दोपहर आवाजाही शुरू हो गई थी लेकिन सड़क पर दोबारा मलबा आ गया। इसी तरह शामा-नौकुड़ी मोटर मार्ग पांच किमी पर बंद हो गया।
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दूसरी ओर, निर्माणाधीन तोली-बघर मोटर मार्ग पिछले दो दिन से बंद है। पिंडारी ग्लेशियर मोटर मार्ग पिछले एक माह से अधिक समय से बंद है। इस मार्ग पर भानी के पास तीन स्थानों पर भारी मलबा आया है। किमी तीन पर पूरी सड़क खाई में समा गई है। इस मार्ग का यातायात कर्मी-रीठाबगड़ रोड पर डायवर्ट किया गया है। इधर, आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि कर्मी और शामा मोटर मार्ग दोहपर को मलबा हटाने के बाद खोल दिए गए। अन्य सड़कें अभी भी बंद हैं।
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तरसाल-सूपी मार्ग आवाजाही के लिए बना खतरा
बागेश्वर। कपकोट विकास खंड में तरसाल-सूपी मोटर मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए खतरनाक बना हुआ है। यह मार्ग 10 वर्ष पूर्व काटा गया था, लेकिन अभी तक इस पर डामरीकरण नहीं हो पाया। नतीजतन सड़क पर जगह-जगह गढ्ढे बन गए हैं जबकि पहाड़ियों से सड़क पर मलबा गिरने का क्रम जारी है।
ग्रामीण और वाहन चालक जान हथेली पर लेकर आवाजाही को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों ने सड़क में खतरा बने अवरोधकों को हटाने के साथ ही डामरीकरण की योजना को जल्द मूर्त रूप देने की मांग उठाई है।