{"_id":"5a81d2384f1c1bcb268b98e4","slug":"111518457400-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों की चोटियों ने बर्फ की चादर ओढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों की चोटियों ने बर्फ की चादर ओढ़ी
Updated Mon, 12 Feb 2018 11:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। जिलेभर में सोमवार सुबह से ही बारिश शुरू हो गई। इससे तापमान गिरने के साथ ही किसानों के चेहरे खिल उठे। वहीं, कपकोट ब्लॉक के उच्च हिमालयी क्षेत्र के कई गांवों की चोटियों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है।
कपकोट ब्लॉक के उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में बोरबलड़ा, बदियाकोट, कुंवारी, सोराग, किलपारा, बाछम, धूर, खातीगांव, झूनी, खल्झूनी, मिकिला, खल्पट्टा, सूपी, रिखाड़ी, हरकोट, चौड़ा, गोगिना, हाम्टीकापड़ी, लीती और शामा गांव की चोटियों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। इससे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों ने बारिश को खेती के लिए लाभदायक बताया है। मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्या ने कहा कि बारिश का फायदा गेहूं और दलहनी फसलों को मिलेगा। वहीं बारिश से बाजारों से रौनक गायब रही और बच्चों को स्कूल पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
कपकोट ब्लॉक के उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में बोरबलड़ा, बदियाकोट, कुंवारी, सोराग, किलपारा, बाछम, धूर, खातीगांव, झूनी, खल्झूनी, मिकिला, खल्पट्टा, सूपी, रिखाड़ी, हरकोट, चौड़ा, गोगिना, हाम्टीकापड़ी, लीती और शामा गांव की चोटियों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है। इससे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों ने बारिश को खेती के लिए लाभदायक बताया है। मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्या ने कहा कि बारिश का फायदा गेहूं और दलहनी फसलों को मिलेगा। वहीं बारिश से बाजारों से रौनक गायब रही और बच्चों को स्कूल पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन