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लावारिश पशुओं को श्रीराम गो सदन भेजने का काम शुरू
Updated Tue, 15 May 2018 11:46 PM IST
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क्या है पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम
- फोटो : Live Law
बागेश्वर। नगर की सड़कों में लावारिस घूम रहे पशुओं को नाकुरी स्थित श्रीराम गोसदन भेजने का काम शुरू हो गया है। पहले दिन नगरपालिका ने अपने वाहन से पशुओं को गोसदन भेजा। पालिका द्वारा प्रतिदिन दो-दो पशुओं को गोसदन भेजा जाएगा।
नगर की सड़कों में 24 से अधिक लावारिस पशु घूम रहे हैं। इन पशुओं के कारण सड़क, पुलों में यातायात प्रभावित होता है। यह पशु कई बार राहगीरों पर हमला कर देते हैं। इस समस्या को देखते हुए डीएम रंजना राजगुरु ने नगरपालिका को गोशाला निर्माण के लिए भूमि चयनित करने के निर्देश दिए थे। एक सप्ताह पूर्व नगरपालिका के ईओ राजदेव जायसी ने नाकुरी में एक योगी द्वारा संचालित श्रीराम गोशाला का निरीक्षण किया था। उन्होंने टिनशेड निर्माण के लिए गोशाला के आसपास की जमीन भी देखी थी। गोशाला संचालक की सहमति के बाद पशुओं को गोसदन भेजना शुरू कर दिया है। पहले दिन मंगलवार को पशु चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद दो पशु गोसदन भेजे गए। ईओ ने बताया कि नाकुरी स्थित गो सदन में अधिक पशुओं को रखने लायक स्थान नहीं है। लगभग आधा दर्जन पशु अभी गोसदन भेजे जाएंगे। शेड का निर्माण होने के बाद बाकी पशुओं को भी गोसदन भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि गोसदन में पशुओं के चारे के लिए जिला प्रशासन और पालिका द्वारा सहयोग दिया जाएगा।
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नगर की सड़कों में 24 से अधिक लावारिस पशु घूम रहे हैं। इन पशुओं के कारण सड़क, पुलों में यातायात प्रभावित होता है। यह पशु कई बार राहगीरों पर हमला कर देते हैं। इस समस्या को देखते हुए डीएम रंजना राजगुरु ने नगरपालिका को गोशाला निर्माण के लिए भूमि चयनित करने के निर्देश दिए थे। एक सप्ताह पूर्व नगरपालिका के ईओ राजदेव जायसी ने नाकुरी में एक योगी द्वारा संचालित श्रीराम गोशाला का निरीक्षण किया था। उन्होंने टिनशेड निर्माण के लिए गोशाला के आसपास की जमीन भी देखी थी। गोशाला संचालक की सहमति के बाद पशुओं को गोसदन भेजना शुरू कर दिया है। पहले दिन मंगलवार को पशु चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद दो पशु गोसदन भेजे गए। ईओ ने बताया कि नाकुरी स्थित गो सदन में अधिक पशुओं को रखने लायक स्थान नहीं है। लगभग आधा दर्जन पशु अभी गोसदन भेजे जाएंगे। शेड का निर्माण होने के बाद बाकी पशुओं को भी गोसदन भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि गोसदन में पशुओं के चारे के लिए जिला प्रशासन और पालिका द्वारा सहयोग दिया जाएगा।
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