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पालिका में शामिल करने के विरोध में चक्कजाम
Updated Thu, 28 Sep 2017 10:48 PM IST
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बागेश्वर। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती गांवों को पालिका में शामिल करने के विरोध में पंचायत प्रतिनिधि सड़कों पर उतर आए। करीब एक दर्जन गांवों के प्रधानों ने जोरदार प्रदर्शन करने के बाद एसबीआई तिराहा पर करीब आधा घंटा चक्काजाम किया। ग्राम प्रधानों ने कहा है कि यदि विरोध के बावजूद उनके गांवों को पालिका में शामिल किया गया तो आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।
पूर्व चेतावनी के अनुसार बृहस्पतिवार को बिलौना, कफलखेत, बड़ेत, बिनवाल तिवाड़ी, अमसरकोटी, कठायतबाड़ा, भतरौला, सैंज आदि गांवों के ग्राम प्रधान सड़कों पर उतर आए। सभी ग्राम प्रधानों ने एसबीआई तिराहा पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारी प्रधानों ने चक्काजाम भी किया।
ग्राम प्रधानों का कहना था कि शासन द्वारा नगर के आसपास के गांवों को पालिका में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। यदि उनके गांवों को पालिका में शामिल किया गया तो गांवों की गरीब जनता करों के बोझ तले दब जाएगी। कहा कि सभी गांवों से आपत्ति भेजी जा रही है।
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यदि इसके बावजूद उनके गांवों को पालिका में शामिल किया गया तो इसके खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इसके बाद प्रधानों ने शहरी विकास विभाग के निदेशक को ज्ञापन भेजा।
धरना प्रदर्शन करने वालों में बिलौना के प्रधान कैलाश गढ़िया, नीमा पालनी, इंद्रा, रेखा आर्या, रमेश चौधरी, अनीता टम्टा आदि शामिल थे। धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम के चलते करीब आधे घंटे तक वाहनों का संचालन ठप रहा।
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पूर्व चेतावनी के अनुसार बृहस्पतिवार को बिलौना, कफलखेत, बड़ेत, बिनवाल तिवाड़ी, अमसरकोटी, कठायतबाड़ा, भतरौला, सैंज आदि गांवों के ग्राम प्रधान सड़कों पर उतर आए। सभी ग्राम प्रधानों ने एसबीआई तिराहा पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारी प्रधानों ने चक्काजाम भी किया।
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ग्राम प्रधानों का कहना था कि शासन द्वारा नगर के आसपास के गांवों को पालिका में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। यदि उनके गांवों को पालिका में शामिल किया गया तो गांवों की गरीब जनता करों के बोझ तले दब जाएगी। कहा कि सभी गांवों से आपत्ति भेजी जा रही है।
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यदि इसके बावजूद उनके गांवों को पालिका में शामिल किया गया तो इसके खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इसके बाद प्रधानों ने शहरी विकास विभाग के निदेशक को ज्ञापन भेजा।
धरना प्रदर्शन करने वालों में बिलौना के प्रधान कैलाश गढ़िया, नीमा पालनी, इंद्रा, रेखा आर्या, रमेश चौधरी, अनीता टम्टा आदि शामिल थे। धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम के चलते करीब आधे घंटे तक वाहनों का संचालन ठप रहा।